अगस्त में भी कम बारिश के आसार, अल नीनो का असर रहेगा बरकरार; नेपाल की तराई की ओर शिफ्ट होगा मानसून ट्रफ

पटना। अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही बिहार में अच्छी बारिश की उम्मीदें कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण इस वर्ष अगस्त में भी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अल नीनो सुपर अल नीनो में बदलता है तो इसका असर मानसून की गतिविधियों पर और अधिक पड़ेगा, जिससे पूरे राज्य में वर्षा का वितरण प्रभावित हो सकता है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के अंतिम चरण में मानसून ट्रफ नेपाल की तराई की ओर शिफ्ट होने की संभावना है। इसके कारण बिहार के अधिकांश जिलों में व्यापक और लगातार बारिश की संभावना कम रहेगी तथा केवल कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है।

अगस्त में सामान्य से कम बारिश की संभावना

आमतौर पर अगस्त को दक्षिण-पश्चिम मानसून का सबसे सक्रिय महीना माना जाता है, लेकिन इस वर्ष मौसम के संकेत सामान्य से कम वर्षा की ओर इशारा कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बीच-बीच में कुछ जिलों में बारिश जरूर हो सकती है, लेकिन पूरे राज्य में व्यापक और लगातार वर्षा होने की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है।

अल नीनो का रहेगा प्रभाव

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कमजोर मानसून की सबसे बड़ी वजह अल नीनो है। यह प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि के कारण बनने वाली जलवायु स्थिति है।

अल नीनो वैश्विक मौसम चक्र को प्रभावित करता है और भारत में मानसून को कमजोर कर सकता है। वैज्ञानिक इस बात पर भी नजर बनाए हुए हैं कि यदि यह सुपर अल नीनो का रूप लेता है, तो पूर्वी और उत्तरी भारत में वर्षा और कम हो सकती है।

नेपाल की तराई की ओर रहेगा मानसून ट्रफ

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ मानसून वर्षा का एक महत्वपूर्ण कारक है। इसके नेपाल की तराई की ओर खिसकने से बिहार में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ जाती हैं, जबकि नेपाल और हिमालय के तराई क्षेत्रों में अधिक वर्षा होती है।

यही स्थिति आने वाले दिनों में भी बनी रह सकती है, जिसके कारण बिहार के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की जा सकती है।

बारिश का वितरण रहेगा असमान

विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य के सभी जिलों में समान रूप से वर्षा होने की संभावना नहीं है।

नेपाल से सटे उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि मध्य और दक्षिण बिहार के कई क्षेत्रों में लंबे समय तक शुष्क मौसम बना रह सकता है।

खेती पर पड़ सकता है असर

कम बारिश की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बिहार की कृषि काफी हद तक मानसूनी वर्षा पर निर्भर करती है, विशेष रूप से धान की खेती के दौरान।

यदि बारिश में कमी बनी रहती है, तो धान की रोपाई, सिंचाई और फसल की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। ऐसे में किसानों को नहरों, ट्यूबवेल और अन्य सिंचाई साधनों पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जल संरक्षण और उपलब्ध सिंचाई संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की सलाह दी है।

बारिश कम, लेकिन उमस बनी रहेगी

बारिश कम होने के बावजूद राज्य में उमस बनी रहने की संभावना है। अधिक नमी और गर्म तापमान के कारण लोगों को दिनभर गर्म और चिपचिपे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

जल संसाधनों पर बढ़ सकता है दबाव

यदि बारिश सामान्य से कम रहती है, तो जलाशयों, तालाबों, नदियों और भूजल स्तर पर भी इसका असर पड़ सकता है।

सरकार जल उपलब्धता पर नजर बनाए हुए है ताकि सिंचाई और पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।

स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी

डॉक्टरों ने लोगों को गर्मी और उमस के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीने तथा लंबे समय तक धूप में रहने से बचने की सलाह दी है।

बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि उमस के कारण डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

सरकार रख रही है मौसम पर नजर

राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

कृषि, सिंचाई, जल संसाधन और आपदा प्रबंधन विभागों को संभावित परिस्थितियों के अनुसार तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

जल संरक्षण पर जोर

जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के बीच जल संरक्षण पहले से अधिक जरूरी हो गया है।

उन्होंने वर्षा जल संचयन, आधुनिक सिंचाई तकनीकों, भूजल संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी है ताकि कम वर्षा की स्थिति से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी

हालांकि पूरे राज्य में व्यापक बारिश की संभावना कम है, लेकिन स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

ऐसी बारिश से कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन इससे राज्य में वर्षा की कुल कमी पूरी होने की संभावना कम है।

2 अगस्त से शुरू हो रहे अगस्त महीने में बिहार में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। अल नीनो के प्रभाव और मानसून ट्रफ के नेपाल की तराई की ओर शिफ्ट होने के कारण राज्य में मानसून की गतिविधियां कमजोर रह सकती हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना फिलहाल कम है। ऐसे में किसानों, आम लोगों और संबंधित सरकारी विभागों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने, जल संरक्षण करने और आधिकारिक मौसम बुलेटिन के अनुसार आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।