सांसद पप्पू यादव के प्रवक्ता राजेश यादव ने सड़क दुर्घटना में घायल 10 वर्षीय छात्र अंकित कुमार का जाना हालचाल; हरसंभव मदद का दिया भरोसा

बिहार के पूर्णिया जिले में सड़क हादसों का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, पढ़ाई करने जा रहा एक मासूम छात्र तेज रफ्तार वाहन की लापरवाही का शिकार बन गया। पूर्णिया के लोकप्रिय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के निर्देश पर उनके प्रवक्ता राजेश यादव ने अस्पताल पहुंचकर सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 10 वर्षीय छात्र अंकित कुमार का हालचाल जाना और परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बँधाया।

क्या है पूरी घटना?

प्राप्त विवरण के अनुसार, लगभग 10 वर्षीय अंकित कुमार जो कि तीसरी कक्षा (Class 3) का एक मेधावी छात्र है, किसी कार्य से या स्कूल जाने के दौरान सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान अनियंत्रित रूप से आ रहे एक टोटो (इलेक्ट्रिक रिक्शा) वाहन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।

टोटो की टक्कर इतनी जोरदार थी कि मासूम अंकित सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से लहूलुहान अवस्था में छात्र को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। इस दुर्घटना के बाद से बच्चे के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव ने की अस्पताल में मुलाकात

घटना की सूचना मिलते ही पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के प्रवक्ता राजेश यादव तुरंत हरकत में आए। वे फौरन अस्पताल पहुँचे और घायल छात्र अंकित कुमार के स्वास्थ्य की पूरी जानकारी डॉक्टरों से ली।

परिजनों को सांत्वना: राजेश यादव ने दुखी परिजनों से मिलकर उन्हें पूर्णिया सांसद की ओर से हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में सांसद परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।

बेहतर इलाज की व्यवस्था: सांसद प्रवक्ता ने अस्पताल के चिकित्सकों से बात कर छात्र के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने और बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर छात्र को उच्च संस्थान में भी शिफ्ट कराया जाएगा, जिसका पूरा खर्च और प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

शहर में अनियंत्रित वाहनों का बढ़ता कहर

इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में सड़क सुरक्षा को लेकर गहरा आक्रोश और चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि पूर्णिया शहर के भीतर बिना लाइसेंस और नियमों की अनदेखी कर चलाए जा रहे टोटो और ऑटो चालकों पर लगाम कसने की सख्त जरूरत है। कम उम्र के चालकों और तेज गति से वाहन चलाने वालों के कारण आए दिन इस तरह के मासूम बच्चे सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं।

समाजसेवी और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और यातायात पुलिस (Traffic Police) से मांग की है कि शहर के व्यस्त इलाकों और स्कूलों के आसपास वाहनों की गति सीमा तय की जाए और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, घायल छात्र अंकित की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।

संवेदनशील पहल: सांसद पप्पू यादव के प्रवक्ता द्वारा अस्पताल पहुँचकर घायल छात्र की सुध लेना और मदद का भरोसा देना सराहनीय कदम है।

सड़क सुरक्षा की चुनौती: शहर में अनियंत्रित टोटो और वाहनों के कारण बच्चों व राहगीरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इलाज का जिम्मा: पीड़ित परिवार को हरसंभव चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।