'सहयोग पोर्टल' के जरिए राजीव कुमार मुन्ना ने बदला किसनपुर-भवनाथपुर की तस्वीर

अकबरनगर (भागलपुर): भागलपुर के अकबरनगर क्षेत्र अंतर्गत किसनपुर-भवनाथपुर पंचायत में इन दिनों एक युवा समाजसेवी की पहल चर्चा का विषय बनी हुई है। क्षेत्र के युवा समाजसेवी और जननेता राजीव कुमार मुन्ना ने 'सहयोग पोर्टल' के माध्यम से सरकारी योजनाओं और व्यक्तिगत सहायता को जरूरतमंदों के घर-घर तक पहुँचाने का बीड़ा उठाया है। उनकी इस अभिनव पहल ने न केवल स्थानीय प्रशासन की राह आसान की है, बल्कि विकास की रोशनी से वंचित कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है।

डिजिटल युग में 'सहयोग' की नई पहल

वर्तमान दौर में जहाँ कई सरकारी योजनाएं जानकारी के अभाव में पात्र लाभार्थियों तक नहीं पहुँच पातीं, वहीं राजीव कुमार मुन्ना ने तकनीक का सहारा लिया है। उन्होंने 'सहयोग पोर्टल' को एक ऐसा मंच बनाया है, जहाँ पंचायत के लोग अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। चाहे वह वृद्धावस्था पेंशन हो, राशन कार्ड में सुधार हो, सड़क की मरम्मत हो या स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन सहायता, इस पोर्टल के माध्यम से हर जानकारी को ट्रैक किया जा रहा है।

मुन्ना का मानना है कि यदि तकनीक को सही नीयत के साथ जोड़ दिया जाए, तो भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका अपने आप समाप्त हो जाती है।

किसनपुर-भवनाथपुर में बदलाव की बयार

किसनपुर और भवनाथपुर के ग्रामीणों के लिए राजीव कुमार मुन्ना केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक मददगार के रूप में उभरे हैं। पिछले कुछ महीनों में, उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रयासों और इस पोर्टल के जरिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं:

स्वास्थ्य सेवा: गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुँचाने के लिए एंबुलेंस सुविधा और आर्थिक सहायता का इंतजाम करना।

शिक्षा: सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाना और मेधावी छात्रों के लिए स्टेशनरी व ट्यूशन की व्यवस्था करना।

बुनियादी ढांचा: सड़क, बिजली और जल निकासी जैसी समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों तक लगातार फॉलो-अप करना।

समाजसेवा में पारदर्शिता का संकल्प

राजीव कुमार मुन्ना ने अपने इस अभियान के बारे में बात करते हुए कहा, "अकबरनगर मेरा परिवार है। किसनपुर और भवनाथपुर के लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, उसके बदले मैं उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ। 'सहयोग पोर्टल' केवल एक ऐप या वेबसाइट नहीं है, यह मेरा उन लोगों से वादा है जो सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं।"

उन्होंने आगे बताया कि इस पोर्टल पर मिलने वाली हर शिकायत की गोपनीयता बनाए रखी जाती है और संबंधित विभागीय अधिकारी को इसे हल करने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी जाती है। इससे काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: एक नई उम्मीद

क्षेत्र के बुजुर्गों और ग्रामीणों का कहना है कि मुन्ना के आने के बाद पंचायत में सकारात्मक बदलाव आया है। पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए उन्हें भागलपुर शहर या ब्लॉक मुख्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब वे सीधे पोर्टल पर अपनी बात रख देते हैं। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक 'जन आंदोलन' का स्वरूप दे दिया है।

भविष्य की रणनीति और विस्तार

राजीव कुमार मुन्ना अब इस 'सहयोग पोर्टल' को और भी अधिक व्यापक बनाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि इसे पंचायत के हर घर तक पहुँचाया जाए ताकि कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे। वे अब कृषि क्षेत्र में भी नई तकनीक लाने और किसानों को बेहतर बाजार दिलाने के लिए पोर्टल के माध्यम से मार्गदर्शन देने की योजना पर काम कर रहे हैं।

राजनीतिक क्षेत्र में नई लकीर

अकबरनगर संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, मुन्ना की इस सक्रियता ने क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक नई लकीर खींची है। वे राजनीति को सेवा का माध्यम मानते हैं और उनका स्पष्ट कहना है कि असली जीत तब है जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान आए।

किसनपुर-भवनाथपुर के विकास की यह गाथा अन्य पंचायतों के लिए भी एक आदर्श है। राजीव कुमार मुन्ना की यह पहल साबित करती है कि यदि इरादे नेक हों और तकनीक का सही इस्तेमाल किया जाए, तो समाज के हर तबके को सशक्त बनाया जा सकता है।