रामबाबू चौधरी ने वार्ड पार्षद पति दीपू सहनी समेत 20 पर लगाया रंगदारी और निर्माण रोकने का आरोप, तो दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराई काउंटर FIR

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से कानून और व्यवस्था से जुड़ा एक नया और सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर में जमीन के एक मामले और कथित निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। एक तरफ जहां पीड़ित रामबाबू चौधरी ने वार्ड पार्षद गणिता देवी के पति दीपू सहनी और 20 अन्य अज्ञात या नामजद लोगों पर जबरन निर्माण कार्य रुकवाने और रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ से दीपू सहनी ने भी रामबाबू चौधरी पर मारपीट और चोरी जैसी गंभीर धाराओं में काउंटर केस दर्ज करा दिया है। इस दोतरफा कानूनी शिकंजे के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और प्रशासनिक अमला भी मामले की तहकीकात में जुट गया है।

क्या है पूरा मामला? निर्माण कार्य को लेकर उपजा विवाद

यह पूरा विवाद मुजफ्फरपुर के किसी खास इलाके से जुड़ा है, जहां भूमि या निर्माण कार्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था।

रामबाबू चौधरी का पक्ष: पीड़ित रामबाबू चौधरी का आरोप है कि वे अपने वैध अधिकार के तहत जमीन पर निर्माण कार्य करवा रहे थे। उनका कहना है कि इसी दौरान वार्ड पार्षद गणिता देवी के पति दीपू सहनी अपने 20 से अधिक समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और जबरन उनका निर्माण कार्य रुकवा दिया।

रंगदारी और धमकी का आरोप: रामबाबू चौधरी का यह भी आरोप है कि दबंगई दिखाते हुए आरोपियों ने उनसे भारी-भरकम रंगदारी की मांग की। पैसे न देने पर काम बंद कराने और जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे पीड़ित परिवार दहशत में आ गया।

दूसरे पक्ष का पलटवार: दीपू सहनी ने दर्ज कराया काउंटर केस

इस मामले में केवल एक तरफ से आरोप-प्रत्यारोप का दौर नहीं चला, बल्कि विवाद के दूसरे पक्ष यानी वार्ड पार्षद पति दीपू सहनी की ओर से भी पुलिस में जवाबी कार्रवाई की गई है।

मारपीट और चोरी का आरोप: दीपू सहनी और उनके समर्थकों की तरफ से रामबाबू चौधरी पर गंभीर काउंटर आरोप लगाए गए हैं। उनका पक्ष है कि निर्माण कार्य के दौरान दूसरा पक्ष नियमों की अनदेखी कर रहा था या जमीन को लेकर उनके अपने दावे थे।

मुकदमा दर्ज: दीपू सहनी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रामबाबू चौधरी के खिलाफ मारपीट, बलवा और चोरी जैसे गंभीर मामलों में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। एक ही घटना पर दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर मुकदमे दर्ज कराने से यह मामला अब पूरी तरह से उलझ गया है।

पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के दावे

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस दोनों पक्षों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों और लगाए गए आरोपों की बारीकी से जांच कर रही है।

सत्यता की पड़ताल: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से काउंटर केस (Counter Case) दर्ज कराए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वास्तव में मौके पर विवाद की असली वजह क्या थी और कौन सा पक्ष सच बोल रहा है।

सीसीटीवी और गवाह: पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यदि कोई वीडियो या सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, तो उसकी भी सत्यता की जांच की जा रही है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

इलाके में तनाव और प्रशासनिक सतर्कता

इस दोतरफा विवाद और मुकदमों के बाद से संबंधित क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। एक तरफ जहां एक पक्ष पार्षद पति पर दबंगई और रंगदारी का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरा पक्ष अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बता रहा है।

प्रशासन और पुलिस के सामने अब यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि वे निष्पक्ष जांच कर इस मामले की असल सच्चाई सामने लाएं, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो। पुलिस ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है और दोनों पक्षों को हिदायत दी है कि वे कानून अपने हाथ में न लें।