मुजफ्फरपुर में रिटायर्ड शिक्षक दंपती से लिफ्ट के बहाने लूट, नकद एक लाख और गहने लेकर फरार हुए बदमाश

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में लिफ्ट देने के बहाने ठगी और लूट की एक गंभीर घटना सामने आई है। पूर्णिया से सीतामढ़ी जा रहे रिटायर्ड शिक्षक सुभाष चंद्र झा और उनकी पत्नी को तीन शातिर युवकों ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर अपनी कार में बैठा लिया। कुछ ही देर बाद आरोपियों ने दंपती से नकद एक लाख रुपये और सोने के गहने लूट लिए और उन्हें बीच रास्ते में उतारकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित दंपती ने ब्रह्मपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

चांदनी चौक पर हुई वारदात

जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड शिक्षक सुभाष चंद्र झा अपनी पत्नी के साथ पूर्णिया से सीतामढ़ी जा रहे थे। यात्रा के दौरान वे मुजफ्फरपुर पहुंचे। चांदनी चौक इलाके में उन्हें तीन युवक मिले, जिन्होंने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया। बातचीत के दौरान युवकों ने भरोसा दिलाया कि वे भी उसी दिशा में जा रहे हैं और उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य तक छोड़ देंगे।

विश्वास में आकर दंपती कार में बैठ गए। शुरुआत में युवकों ने सामान्य बातचीत की, जिससे उन्हें किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद आरोपियों ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।

झांसे में लेकर की लूट

पीड़ितों के अनुसार, कार में बैठने के बाद युवकों ने पहले बातचीत के बहाने उनका ध्यान भटकाया। इसके बाद उन्होंने नकदी और जेवरात अपने कब्जे में ले लिए। विरोध करने पर दंपती को डराया-धमकाया गया। बदमाशों ने नकद करीब एक लाख रुपये, सोने के गहने और अन्य कीमती सामान लेकर उन्हें रास्ते में उतार दिया और तेज रफ्तार से फरार हो गए।

घटना के बाद दंपती काफी देर तक सदमे में रहे। आसपास के लोगों की मदद से वे ब्रह्मपुरा थाना पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।

ब्रह्मपुरा थाने में दर्ज हुई शिकायत

पीड़ित दंपती की लिखित शिकायत के आधार पर ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई जा रही है।

पुलिस का मानना है कि घटना को अंजाम देने वाले अपराधी किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं, जो राहगीरों और यात्रियों को लिफ्ट देने या सरकारी कर्मचारी बनकर अपने जाल में फंसाते हैं।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना के बाद पुलिस टीम ने चांदनी चौक और आसपास के प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटानी शुरू कर दी है। साथ ही, शहर में लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों की भी मदद ली जा रही है ताकि आरोपियों की कार की पहचान की जा सके।

पुलिस मोबाइल लोकेशन, टोल प्लाजा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बढ़ रही हैं लिफ्ट के बहाने ठगी और लूट की घटनाएं

पिछले कुछ समय में बिहार के विभिन्न जिलों में लिफ्ट देने के बहाने लूट और ठगी की घटनाएं बढ़ी हैं। अपराधी खुद को बैंक कर्मचारी, सरकारी अधिकारी, पुलिसकर्मी या किसी प्रतिष्ठित संस्था का कर्मचारी बताकर लोगों का विश्वास जीत लेते हैं। इसके बाद सुनसान जगह पर ले जाकर नकदी, मोबाइल, गहने और अन्य कीमती सामान लूट लेते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अपराधी पहले पीड़ित की उम्र और स्थिति का आकलन करते हैं। अकेले या बुजुर्ग यात्रियों को वे आसानी से अपना निशाना बनाते हैं।

बुजुर्ग यात्रियों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अनजान लोगों पर भरोसा करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति की कार में बैठने से बचें। यदि किसी कारणवश लिफ्ट लेनी भी पड़े तो पहले उसकी पहचान सुनिश्चित करें और अपने परिजनों को वाहन का नंबर तथा लोकेशन जरूर साझा करें।

विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पुलिस ने जारी की सुरक्षा संबंधी सलाह

पुलिस ने यात्रियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी जारी किए हैं—

  • किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में आकर उसकी गाड़ी में न बैठें।
  • खुद को बैंक या सरकारी कर्मचारी बताने वालों की पहचान की पुष्टि करें।
  • यात्रा के दौरान अधिक नकदी और कीमती गहने साथ लेकर चलने से बचें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
  • आपात स्थिति में 112 पर कॉल करें और निकटतम थाना से संपर्क करें।
  • यात्रा के दौरान परिवार के सदस्यों को अपनी लोकेशन साझा करते रहें।

जल्द गिरफ्तारी का दावा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की तलाश की जा रही है। यदि यह किसी सक्रिय गिरोह की करतूत साबित होती है, तो उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस से शहर में गश्त बढ़ाने और ऐसे गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

मुजफ्फरपुर में रिटायर्ड शिक्षक दंपती के साथ हुई यह घटना आम लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों का विश्वास जीत रहे हैं और फिर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों, खासकर बुजुर्गों, को यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता का एहसास कराया है।