गंगा और कोसी के रौद्र रूप से बढ़ी चिंता, निचले इलाकों में फैला बाढ़ का पानी
भागलपुर: जिले में इन दिनों मानसून की सक्रियता के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे गंगा और कोसी किनारे बसे लोगों की नींद उड़ गई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय निवासियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। जिले के नवगछिया और गोपालपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ का पानी निचले इलाकों और खेतों में प्रवेश करने लगा है।
तेजी से बढ़ रहा जलस्तर
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा जारी अलर्ट और केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, गंगा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटों में 24 सेंटीमीटर तक बढ़ गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई स्थानों पर नदी का पानी तटबंधों के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है, जिससे तटबंधों की सुरक्षा को लेकर भी आशंकाएं जताई जा रही हैं।
कोसी नदी भी कम उफान पर नहीं है। मदरौनी और अन्य गेज स्थलों पर कोसी के जलस्तर में क्रमिक वृद्धि देखी जा रही है। नदियों के इस तेजी से बढ़ते प्रवाह ने दियारा क्षेत्र के किसानों के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं। खेतों में पानी भर जाने के कारण खड़ी फसलों के नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
संभावित बाढ़ और कटाव की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, नवगछिया ने जिले में कुल 27 संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया है, जहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि विभाग की टीमें 24×7 अलर्ट मोड में हैं और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन तैयार रखे गए हैं। हालांकि, स्थानीय ग्रामीण अभी भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और तटबंधों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं।
निचले इलाकों के लिए चेतावनी
नदियों के उफान के साथ ही निचले इलाकों के लिए प्रशासन ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। जिन क्षेत्रों में पानी का फैलाव शुरू हुआ है, वहां के लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। जलस्तर में हो रहे इस उतार-चढ़ाव ने न केवल बाढ़, बल्कि कटाव के खतरे को भी बढ़ा दिया है, जिससे नदी किनारे के गांवों में दहशत का माहौल है।
आगे की स्थिति
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बिहार के कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है, जिससे नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। यदि बारिश का क्रम इसी तरह जारी रहा, तो स्थिति और भी विकट हो सकती है।
वर्तमान में, भागलपुर का प्रशासन और आम जनता दोनों ही इस प्राकृतिक चुनौती का सामना करने के लिए कमर कस चुके हैं। फिलहाल, गंगा और कोसी की लहरों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं, और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।