कमराय से लेकर देवघर तक कांवरिया पथ पर भक्तों के लिए विशेष तैयारियां, सुरक्षा और सुविधाओं का रहेगा जाल
भागलपुर/बांका: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के आयोजन की घड़ी अब नजदीक आ चुकी है। 31 जुलाई से शुरू होने वाले इस ऐतिहासिक मेले के लिए सुल्तानगंज (भागलपुर) से बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) तक का पूरा कांवरिया पथ 'बोल-बम' के जयघोष से गुंजायमान होने को तैयार है। विशेष रूप से कमराय और उसके आसपास के क्षेत्रों में कांवरियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने युद्धस्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार कांवरियों को न केवल सुरक्षित बल्कि एक सुखद और आरामदायक यात्रा का अनुभव कराने का लक्ष्य रखा गया है।
कमराय और कांवरिया पथ पर विशेष सुविधाएं
कांवरिया पथ, जो सुल्तानगंज से देवघर तक फैला है, के विभिन्न पड़ावों में कमराय जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रशासन ने बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है:
महीन बालू का बिछाव: कांवरियों के नंगे पैर चलने के लिए पूरे कच्ची कांवरिया पथ पर गंगा की महीन बालू बिछाई गई है। इससे चिलचिलाती धूप में भी कांवरियों के पैरों को राहत मिलेगी।
टेंट सिटी और विश्राम गृह: श्रद्धालुओं के रात्रि विश्राम के लिए विभिन्न प्रखंडों में टेंट सिटी का निर्माण किया गया है, जहाँ भोजन, चिकित्सा सहायता, और पेयजल की समुचित व्यवस्था है।
स्वच्छता और हाइजीन: कांवरिया पथ पर सफाई व्यवस्था के लिए 24 घंटे कर्मियों की तैनाती की गई है। महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय और स्नानागार (बाथरूम) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
पानी की फुहारें और कृत्रिम गुफाएं: गर्मी से राहत देने के लिए कांवरिया पथ के किनारे कई स्थानों पर पानी की फुहारों (फाउंटेन) की व्यवस्था की गई है, साथ ही कृत्रिम गुफाओं का निर्माण किया गया है जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।
सुरक्षा और निगरानी: 24 घंटे का पहरा
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है:
सुरक्षा दल: कांवरिया पथ पर सुरक्षा के लिए पैदल, बाइक और घुड़सवार दल लगातार गश्त करेंगे। पूरे मार्ग में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
अस्थायी थाने और पुलिस चौकी: बांका जिले के 55 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 21 से अधिक अस्थायी थाने बनाए गए हैं, जहाँ पुलिस बल की 24 घंटे तैनाती रहेगी।
मेला मित्र (स्वयंसेवक): श्रद्धालुओं की सहायता के लिए भारी संख्या में स्वयंसेवकों (मेला मित्र) को तैनात किया गया है, जिन्हें विशिष्ट पहचान पत्र और जर्सी दी गई है ताकि कांवरिये उनसे आसानी से संपर्क कर सकें।
ट्रैफिक और अतिक्रमण: प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मार्ग के अतिक्रमण की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पैदल चलने वाले कांवरियों के लिए रास्ता पूरी तरह अबाधित रखने के आदेश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्था
मेडिकल कैंप: कांवरिया पथ पर जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। इनमें 24 घंटे चिकित्सक और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
निर्बाध बिजली और रोशनी: रात के समय यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पूरे कांवरिया मार्ग को रंग-बिरंगी रोशनी और डिजिटल लाइटों से सजाया गया है।