NEET पेपर लीक के खिलाफ पटना में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस से झड़प; प्रशांत किशोर बोले- यह आंदोलन और बड़ा होगा
पटना: NEET पेपर लीक मामले को लेकर बिहार की राजधानी पटना में छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में छात्र विभिन्न संगठनों के बैनर तले प्रदर्शन के लिए जुटे और परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने, पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर छात्रों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि यह आंदोलन अभी और बड़ा रूप लेगा, क्योंकि वर्षों से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया है। (Satya Hindi)
प्रदर्शन के दौरान छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उनका कहना था कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां और पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। छात्रों का आरोप था कि लाखों अभ्यर्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रणाली की खामियों का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। इसी वजह से इस बार उन्होंने सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करने का फैसला किया।
बताया गया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित क्षेत्र में रोकने की कोशिश की। कई जगह छात्रों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई, हालांकि बाद में पुलिस ने हालात पर नियंत्रण पाने का दावा किया। प्रदर्शन के कारण राजधानी के कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित रहा। (Navbharat Times)
इस आंदोलन को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि यह केवल NEET परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा कि वर्षों से छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को अनदेखा किया जाता रहा है। उनका कहना था कि जब तक परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं होगा, तब तक ऐसे आंदोलन रुकने वाले नहीं हैं।
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि पेपर लीक चाहे एक प्रश्न का हो या पूरे प्रश्नपत्र का, दोनों ही स्थिति में यह छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में संस्थागत खामियां हैं और इन्हें दूर किए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। (ABP News)
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि वे किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़क पर उतरे हैं। उनका कहना था कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। कई छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लगातार सवालों के घेरे में आ रही है, जिससे युवाओं का भरोसा कमजोर हो रहा है।
छात्र संगठनों ने मांग की कि NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों को कड़ी सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए। उनका कहना था कि केवल बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ठोस प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाने होंगे।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति भी गर्म हो गई है। विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है, जबकि सरकार की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने और मामले की जांच से जुड़े कदमों की बात कही जा रही है। हाल के दिनों में पेपर लीक को लेकर सख्त कानून लाने की मांग भी तेज हुई है। (Navbharat Times)
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो युवाओं का आक्रोश लगातार बढ़ सकता है। करोड़ों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों का समय और संसाधन लगाते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता उनके भविष्य पर सीधा असर डालती है।
फिलहाल पटना में हुए प्रदर्शन ने यह साफ संकेत दिया है कि परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों में गहरा असंतोष है। आने वाले दिनों में सरकार, परीक्षा एजेंसियों और संबंधित संस्थानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा बहाल करने की होगी। वहीं, प्रशांत किशोर के बयान के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई है कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन बिहार से निकलकर देश के अन्य हिस्सों में भी और व्यापक रूप ले सकता है। (Satya Hindi)