बिहार में छात्र आंदोलन पर तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मांग, कहा- नहीं छोड़ा तो एनडीए को भुगतना पड़ेगा राजनीतिक नुकसान

पटना: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। विदेश दौरे से लौटने के बाद तेजस्वी लगातार नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक, छात्र आंदोलन और अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

तेजस्वी यादव ने कहा कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए कई छात्रों को अब तक रिहा नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और यदि सरकार ने जल्द उन्हें रिहा नहीं किया, तो इसका राजनीतिक परिणाम एनडीए सरकार को आगामी समय में भुगतना पड़ सकता है।

छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरे तेजस्वी

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में तेजस्वी यादव ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्र अपने भविष्य और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक परंपराओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व संवाद स्थापित करना और समस्याओं का समाधान निकालना है, लेकिन इसके विपरीत छात्रों पर कठोर कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासनिक शक्ति का इस्तेमाल किया गया, जिससे छात्रों और उनके परिवारों में भय का माहौल बना।

बल प्रयोग और मुकदमों का लगाया आरोप

अपने पोस्ट में तेजस्वी यादव ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते की बात होने के बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों को निशाना बनाना उचित नहीं है।

गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की कि छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को शीघ्र रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।

नीट पेपर लीक पर सरकार को घेरा

तेजस्वी यादव ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक का मामला देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं और सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए।

उन्होंने दोहराया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

बिहार में छात्र आंदोलन और नीट पेपर लीक का मुद्दा लगातार राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्तापक्ष कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कह रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी बिहार की राजनीति में प्रमुख बना रह सकता है।

सोशल मीडिया के जरिए साधा निशाना

तेजस्वी यादव ने अपने एक्स पोस्ट के माध्यम से सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि युवाओं और छात्रों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को छात्रों के साथ बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।

सरकार की ओर से क्या कहा गया

सरकार की ओर से पहले भी यह कहा जाता रहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की कार्रवाई उपलब्ध तथ्यों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाती है।

सरकारी पक्ष का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, तो उसकी जांच कानून के अनुसार होगी और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

छात्र आंदोलन बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा

नीट पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब बिहार की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन चुका है। विभिन्न राजनीतिक दल इस विषय पर लगातार अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दे चुनावी राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन, नीट प्रश्नपत्र लीक और छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने गिरफ्तार छात्रों की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो सरकार को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और सभी मामलों में कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है। ऐसे में छात्र आंदोलन और उससे जुड़ी राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।