करीब एक माह से रिक्त चल रहा था उप विकास आयुक्त (डीडीसी) का स्थायी पद; नए डीडीसी रवि राकेश ने संभाला कार्यभार, विकास योजनाओं को मिलेगी नई गति
भागलपुर: किसी भी जिले के प्रशासनिक ढांचे में 'उप विकास आयुक्त' (DDC) का पद रीढ़ की हड्डी के समान होता है, जिसके कंधों पर ग्रामीण विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। पिछले करीब एक महीने से भागलपुर जिले में उप विकास आयुक्त का स्थायी पद रिक्त चल रहा था, जिसके कारण कई विकास कार्यों और नीतिगत निर्णयों की गति प्रभावित हो रही थी। इस लंबी प्रशासनिक रिक्तता को समाप्त करते हुए अंततः शासन स्तर पर स्थिति स्पष्ट हो गई और नवनियुक्त उप विकास आयुक्त रवि राकेश ने आधिकारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके आने से जिले के प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद बंध गई है।
एक महीने से खाली था पद, प्रभार के सहारे चल रहा था कामकाज
बीती 23 जून को पूर्व उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह के स्थानांतरण और विदाई के बाद से भागलपुर में डीडीसी का स्थायी पद रिक्त हो गया था। एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद के खाली रहने से ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) से लेकर जिला परिषद तक के कार्य प्रभावित हो रहे थे। हालांकि प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक तौर पर कार्य संचालन किया जा रहा था, लेकिन किसी भी जिले की महत्वाकांक्षी योजनाओं—जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, जल-जीवन-हरियाली और अन्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स—के त्वरित निष्पादन के लिए एक स्थायी और पूर्णकालिक अधिकारी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
स्थायी पद न होने के कारण वित्तीय स्वीकृतियों और फाइलों के निपटारे में जो सुस्ती आ गई थी, उसने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी थी।
पूर्णिया से स्थानांतरित होकर भागलपुर पहुंचे नए डीडीसी रवि राकेश
शासन द्वारा जारी प्रशासनिक फेरबदल और आदेश के तहत, इससे पहले पूर्णिया जिले में अपर समाहर्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे तेज-तर्रार प्रशासनिक अधिकारी रवि राकेश को भागलपुर का नया उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), जिला परिषद नियुक्त किया गया है। पूर्णिया से विरमित होने के बाद उन्होंने निर्धारित समय पर भागलपुर पहुंचकर अपना पदभार संभाल लिया।
उनके आगमन को लेकर जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) और जिला परिषद कार्यालय में पहले से ही तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। नए अधिकारी के स्वागत के साथ ही उनके कार्यालय कक्ष और आधिकारिक आवास को भी तैयार किया गया था। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक कर जिले की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।
पदभार ग्रहण करते ही एक्शन मोड में नए डीडीसी
नवनियुक्त डीडीसी रवि राकेश ने पद संभालते ही स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता जिले में रुकी हुई विकास योजनाओं को गति देना और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना होगी। उन्होंने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में भी कामकाज की समीक्षा शुरू कर दी है।
लंबित योजनाओं का त्वरिता से होगा निस्तारण: पिछले एक महीने के दौरान जो फाइलें और योजनाएं लंबित रह गई थीं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण विकास कार्यों की मॉनिटरिंग: मनरेगा, लोकोत्तर योजनाओं और ग्रामीण आवास निर्माण कार्यों की मैदानी स्तर पर मॉनिटरिंग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि तय समय सीमा के भीतर लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।
प्रशासनिक महकमे और जनप्रतिनिधियों में जगी उम्मीदें
डीडीसी का पद भरने से न केवल प्रशासनिक मशीनरी में सुस्ती दूर होगी, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा। स्थानीय स्तर पर पंचायत प्रतिनिधियों और आम जनता ने भी इस नियुक्ति का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि एक महीने के अंतराल के बाद अब स्थायी अधिकारी के आ जाने से विकास कार्यों की रफ्तार दोगुनी होगी और जनता की शिकायतों का समय पर समाधान हो सकेगा।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
करीब एक माह तक उप विकास आयुक्त का स्थायी पद रिक्त रहने और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कार्य संचालन के बाद अब भागलपुर को पूर्णकालिक डीडीसी मिल चुका है। रवि राकेश के रूप में नए प्रशासनिक मुखिया के आने से यह उम्मीद की जा रही है कि भागलपुर जिला विकास के पथ पर एक बार फिर तीव्र गति से आगे बढ़ेगा और शासन की तमाम योजनाओं का लाभ धरातल पर उतरेगा