सिहौल गांव में बिजली का तार चोरी करते रंगेहाथ गिरफ्तार हुआ चोर: कनीय अभियंता अमित कुमार की शिकायत पर बिहरा थाना में दो के खिलाफ मामला दर्ज, चार पोल का तार बरामद
पूर्णिया या कोशी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके के सिहौल गांव में बिजली विभाग को उस समय बड़ी सफलता मिली जब एक चोर को 440 वोल्ट के बिजली का तार चोरी करते हुए ग्रामीणों और विभाग की सतर्कता से दबोच लिया गया। कनीय अभियंता (Junior Engineer) अमित कुमार द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर बिहरा थाना में मुख्य आरोपी गजेंद्र यादव समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पकड़ा गया चोर गजेंद्र यादव 440 वोल्ट के चार पोल पर लगे बिजली के बहुमूल्य तारों को काटकर चुराने की फिराक में था। इस घटना से इलाके में बिजली चोरों के हौसले और विभाग द्वारा की जा रही सख्ती को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आइए इस विस्तृत रिपोर्ट के माध्यम से जानते हैं इस पूरी घटना की क्रमिक जानकारी, पुलिस कार्रवाई और बिजली चोरी के इस मामले के विभिन्न पहलुओं के बारे में।
सिहौल गांव में ग्रामीणों की सूझबूझ से पकड़ा गया चोर
घटना बुधवार को सिहौल गांव की है, जहाँ पिछले कुछ दिनों से लगातार बिजली के तार चोरी होने की घटनाओं से ग्रामीण और विभागीय अधिकारी परेशान थे।
रंगेहाथ दबोचा गया चोर: मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी गजेंद्र यादव सिहौल गांव के पास सुनसान इलाके में लगे बिजली के खंभों पर चढ़कर 440 वोल्ट के मेन लाइन के तारों को काट रहा था। भोर या देर शाम के वक्त जब बिजली कटी हुई थी, तभी वह इस वारदात को अंजाम दे रहा था।
ग्रामीणों की मुस्तैदी: स्थानीय ग्रामीणों की नजर जब खंभे पर संदिग्ध गतिविधि पर पड़ी, तो उन्होंने बिना देर किए एकजुट होकर घेराबंदी कर दी और चोर गजेंद्र यादव को मौके पर ही रंगेहाथ धर दबोचा। इसके बाद तुरंत इसकी सूचना स्थानीय विद्युत कनीय अभियंता और बिहरा थाना की पुलिस को दी गई।
कनीय अभियंता अमित कुमार की शिकायत पर बिहरा थाना में रिपोर्ट दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के अधिकारी हरकत में आए और त्वरित कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
लिखित आवेदन और प्राथमिकी: विद्युत विभाग के कनीय अभियंता (JE) अमित कुमार ने तत्काल सिहौल गांव पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और चोरी गए सामानों का आकलन किया। इसके बाद उन्होंने बिहरा थाना में लिखित आवेदन देकर मुख्य आरोपी गजेंद्र यादव और उसके एक अन्य सहयोगी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कराया।
पुलिस की कार्रवाई: बिहरा थाना की पुलिस ने कनीय अभियंता के आवेदन को आधार बनाते हुए तुरंत नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस चोरी के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या कबाड़ कारोबारी तो जुड़ा हुआ नहीं है।
चार पोल का तार चोरी करने का दुस्साहस और बरामदगी
इस मामले की सबसे बड़ी बात यह है कि चोर ने एक या दो नहीं बल्कि पूरे चार पोल के हाई-वोल्टेज तारों को निशाना बनाया था।
440 वोल्ट के तारों की चोरी: आरोपी गजेंद्र यादव द्वारा 440 वोल्ट के चार पोल के लंबे स्पैन वाले बिजली के तारों को काटकर नीचे गिरा लिया गया था। इतने बड़े पैमाने पर तार चोरी करने से इलाके की विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो सकती थी।
सामान की बरामदगी: पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से कटे हुए बिजली के तारों को मौके से ही या आरोपी के ठिकाने से बरामद कर लिया गया है। बरामद तारों की कीमत बाजार में काफी अधिक आंकी जा रही है, जिन्हें विभागीय सुपुर्दगी में देने की प्रक्रिया चल रही है।
इलाके में बिजली चोरों के खिलाफ बढ़ी सख्ती और सुरक्षा के उपाय
इस घटना के बाद से सिहौल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है।
विभाग की चेतावनी: विद्युत विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरकारी संपत्ति और बिजली के तारों की चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाएगा।
जनता का सहयोग: विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके इलाके में कोई भी व्यक्ति बिजली के खंभों से छेड़छाड़ करता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी पावर हाउस या थाने को दें ताकि समय रहते बड़ी क्षति को रोका जा सके।
सिहौल गांव में बिजली के तार चोरी करते हुए गजेंद्र यादव की गिरफ्तारी और कनीय अभियंता अमित कुमार के आवेदन पर बिहरा थाना में दर्ज की गई रिपोर्ट यह साबित करती है कि यदि ग्रामीण और प्रशासन सतर्क रहें, तो आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। पुलिस अब इस मामले में दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।