एक ही रात में पांच दुकानों को बनाया निशाना, पुलिस की निष्क्रियता से व्यापारियों में दहशत
गोराडीह (भागलपुर): भागलपुर जिले के गोराडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदीशपुर बाजार में अपराधियों ने एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया है, जिसने स्थानीय व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। बीती रात चोरों ने एक के बाद एक पांच स्थानों पर धावा बोला और नकदी सहित कीमती सामानों पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के बाद बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में भारी आक्रोश और डर का माहौल व्याप्त है।
पांच जगहों पर दुस्साहसी वारदात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जगदीशपुर बाजार में चोरों ने सुनियोजित तरीके से अपनी करतूत को अंजाम दिया। सबसे पहले चोरों ने बाजार स्थित एक मंदिर को निशाना बनाया, जहां उन्होंने दानपेटी तोड़कर उसमें रखी नगदी निकाल ली। इसके बाद चोरों ने पास ही स्थित एक कपड़े की दुकान का ताला तोड़ा और भीतर रखे महंगे कपड़ों के साथ-साथ गल्ले में रखी नकदी भी चुरा ले गए।
इतना ही नहीं, चोरों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। उन्होंने एक किराना दुकान, एक मोबाइल रिपेयरिंग शॉप और एक पान की गुमटी को भी अपना निशाना बनाया। चोरों ने दुकानों के शटर और तालों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानें खोलने पहुंचे, तो वहां का मंजर देख उनके होश उड़ गए। शटर के टूटे ताले और बिखरे हुए सामान यह चीख-चीख कर कह रहे थे कि अपराधी कितनी बेखौफ होकर अपना काम पूरा कर चुके थे।
पुलिस का अजीबोगरीब रुख: 'शिकायत नहीं, तो कार्रवाई नहीं'
इस पूरी घटना का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय थाना पुलिस का कहना है कि अब तक किसी भी पीड़ित दुकानदार ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस का तर्क है कि जब तक औपचारिक शिकायत नहीं मिलेगी, तब तक जांच की प्रक्रिया शुरू करना कठिन है।
हालांकि, पुलिस के इस रुख पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई है। दुकानदारों का कहना है कि पुलिस को स्वतः संज्ञान लेकर गश्त बढ़ानी चाहिए थी। व्यापारियों के अनुसार, "जब हमें यह मालूम है कि शिकायत करने के बाद भी पुलिस सिर्फ कागजी कार्रवाई करती है और चोर कभी पकड़े नहीं जाते, तो फिर पुलिस के पास जाकर समय बर्बाद करने का क्या फायदा?" पुलिस की इसी ढुलमुल कार्यशैली के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
दहशत में व्यापारी, बंद रहीं बाजार की दुकानें
इस घटना के बाद से जगदीशपुर बाजार में भय का वातावरण है। छोटे और मंझोले दुकानदारों में इस बात का डर है कि अगर आज उनकी दुकानों को निशाना बनाया गया है, तो कल फिर चोर लौट सकते हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण कई व्यापारियों ने आज अपनी दुकानें देर से खोलीं या डर के मारे बंद ही रखा।
ग्रामीणों का कहना है कि गोराडीह पुलिस की गश्त इस इलाके में ना के बराबर होती है। बाजार के अंधेरे कोनों और सुरक्षा के अभाव का फायदा उठाकर अपराधी बेधड़क वारदातों को अंजाम देते हैं। यदि प्रशासन ने समय रहते कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की, तो बाजार में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
जगदीशपुर बाजार की यह घटना कोई पहली बार नहीं है। समय-समय पर यहां छोटी-मोटी चोरियां होती रही हैं, लेकिन एक साथ पांच दुकानों का निशाना बनना सीधे तौर पर पुलिस की खुफिया तंत्र और रात्रिकालीन गश्त की विफलता को उजागर करता है। बाजार के लोगों ने मांग की है कि:
रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई जाए: पुलिस प्रशासन को रात के समय बाजार क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग सुनिश्चित करनी चाहिए।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी: बाजार के मुख्य बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि अपराधियों की पहचान हो सके।
स्थानीय सुरक्षा समिति: व्यापारियों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक सुरक्षा समिति का गठन किया जाए।
एक छोटी सी बाजार में एक रात में पांच जगहों पर चोरी होना कोई साधारण बात नहीं है। यह अपराधियों के उस दुस्साहस का परिचायक है जिसे रोक पाना फिलहाल स्थानीय पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस व्यापारियों के डर को समझते हुए अपराधियों को पकड़ने के लिए सक्रिय होती है या फिर 'शिकायत नहीं' के बहाने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। फिलहाल, जगदीशपुर बाजार की सड़कें सूनी हैं और व्यापारियों की निगाहें पुलिस की ओर टिकी हैं।