शाहकुंड-असरगंज मार्ग पर कोहराम; अनियंत्रित हाईवा ने दो ई-ऑटो को कुचला, महिला और मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत

शाहकुंड (भागलपुर): भागलपुर जिले के शाहकुंड-असरगंज मुख्य मार्ग पर रविवार की शाम काल बनकर आए एक हाईवा ट्रक ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार और अनियंत्रित हाईवा की चपेट में आने से दो ई-ऑटो सवारों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने पूरे इलाके में मातम पसर दिया है। मृतकों में मुंगेर जिले की एक महिला और एक डेढ़ वर्षीय मासूम बच्ची शामिल है।

क्या है पूरा घटनाक्रम?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना रविवार शाम की है। शाहकुंड-असरगंज रोड पर दो इलेक्ट्रिक ऑटो विपरीत दिशा से आ रहे थे। तभी सामने से तेज गति में आ रहे एक हाईवा चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया और ई-ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार यात्री सड़क पर जा गिरे।

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी हाईवा चालक वाहन समेत मौके से फरार होने में सफल रहा। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी और घायलों को उपचार के लिए शाहकुंड सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुंचाया।

मृतकों और घायलों की पहचान

शाहकुंड सीएचसी के वरीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. खुस्तर आजमी ने हादसे की पुष्टि करते हुए मृतकों का विवरण साझा किया है:

बीवी राबिया खातून (45 वर्ष): मुंगेर जिले के बनगामा निवासी।

इतिशा शर्मा (डेढ़ वर्ष): मुंगेर जिले के तारापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरा निवासी। यह बच्ची बमबम शर्मा की पुत्री थी।

हादसे में घायल हुए चार लोगों में दो मुंगेर जिले के हैं, जबकि एक कजरैली और एक शाहकुंड का निवासी बताया जा रहा है। घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है। वहीं, बच्ची के परिजनों को अभी भी उम्मीद है कि वह जीवित है, जिसे देखते हुए वे उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर ले गए हैं।

आक्रोशित ग्रामीणों का प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और मुआवजे व चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सड़क जाम की स्थिति बन गई, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा।

सूचना मिलने पर शाहकुंड थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त दोनों ऑटो को अपने कब्जे में लेकर थाने पहुंचा दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि हाईवा और उसके चालक की पहचान की जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि फरार चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

शाहकुंड-असरगंज मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों का कहर देखने को मिलता है। इस मार्ग पर भारी वाहनों की बेतहाशा आवाजाही के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को इस रूट पर भारी वाहनों की गति सीमा तय करनी चाहिए और नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

एक छोटी सी गलती और लापरवाही ने दो मासूम जिंदगियां छीन लीं। पीड़ित परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति है। फिलहाल पुलिस मामले को दर्ज कर चालक की तलाश में जुटी है। कानून अपना काम करेगा, लेकिन सवाल यह है कि कब तक सड़कों पर इस तरह बेखौफ दौड़ते 'काल' का शिकार निर्दोष यात्री होते रहेंगे?