पूर्णिया में दिल्ली के आंदोलन के समर्थन में उग्र प्रदर्शन: बायसी में छात्रों का बवाल, पुलिस ने किया बल प्रयोग; डीएम और एसएसपी ने संभाला मोर्चा

पूर्णिया: देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे एक बड़े आंदोलन के समर्थन में बिहार के पूर्णिया जिले में हालात अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। पूर्णिया के बायसी अनुमंडल क्षेत्र समेत कई अन्य जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली, जिसमें दोनों तरफ से स्थिति को नियंत्रित करने और संभालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। हालात की नजाकत को देखते हुए जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों—जिला दंडाधिकारी (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने खुद मैदान में उतरकर मोर्चा संभाला है।

दिल्ली के आंदोलन की गूंज और बायसी में प्रदर्शन की शुरुआत

विगत कुछ दिनों से दिल्ली में विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों और प्रदर्शनों की गूंज अब देश के अन्य राज्यों तक पहुंच गई है। इसी कड़ी में पूर्णिया जिले के बायसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत छात्र संगठनों और समर्थकों ने दिल्ली के आंदोलन के समर्थन में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया था।

शुरुआत में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण नजर आ रहा था, लेकिन देखते ही देखते इसमें बड़ी संख्या में लोग और छात्र शामिल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सड़क मार्ग को जाम करने का प्रयास किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली। जब स्थानीय पुलिस प्रशासन ने उन्हें समझाने और सड़क खाली कराने का प्रयास किया, तो मामला और अधिक बिगड़ गया।

उग्र हुआ प्रदर्शन: पथराव और पुलिस का बल प्रयोग

देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा और प्रदर्शन उग्र रूप धारण कर गया। भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने पुलिस बल पर पत्थरबाजी (Stone Pelting) शुरू कर दी, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। अचानक हुए इस पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आईं और सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।

कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मजबूरन पुलिस को हल्का बल प्रयोग (Lathi Charge) करना पड़ा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और उपद्रवियों को खदेड़ दिया। इस झड़प के बाद पूरे बायसी बाजार और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। दुकानदारों ने अपनी दुकानें तुरंत बंद कर दीं और रास्तों पर आवाजाही ठप हो गई।

डीएम और एसएसपी ने संभाला मोर्चा, भारी पुलिस बल तैनात

घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्णिया के जिलाधिकारी (DM) और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) तत्काल हरकत में आए। दोनों शीर्ष अधिकारी भारी पुलिस बल, वज्र वाहन (Riot Control Vehicle) और दंगा नियंत्रण दस्ते के साथ खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

कड़ा संदेश: डीएम और एसएसपी ने संयुक्त रूप से मीडिया और स्थानीय नागरिकों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।

फ्लैग मार्च: प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों के साथ फ्लैग मार्च निकाला और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

पहचान और कार्रवाई: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर पत्थरबाजी करने वाले तथा उपद्रव फैलाने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान की जा रही है, जिन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वर्तमान स्थिति और प्रशासन की अपील

फिलहाल, पूर्णिया के बायसी और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। जिला प्रशासन ने आम जनता, विशेषकर युवाओं और छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व सौहार्द बनाए रखें।