बजरंगबली मंदिर को बनाया निशाना, दानपेटी तोड़कर हजारों की नकदी ले उड़े
जगदीशपुर (गोराडीह, भागलपुर): भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड अंतर्गत जगदीशपुर थाना क्षेत्र में चोरों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि अब वे भगवान के दर को भी नहीं बख्श रहे हैं। मंगलवार की देर रात अज्ञात चोरों ने एक प्राचीन बजरंगबली मंदिर में धावा बोलकर न केवल मंदिर की पवित्रता को भंग किया, बल्कि दानपेटी तोड़कर उसमें जमा हजारों की नकदी भी चुरा ले गए। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग प्रशासन की लचर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
घटना का विवरण: शांति की रात में हुई वारदात
मंदिर के पुजारी और स्थानीय निवासियों के अनुसार, मंगलवार की रात हर रोज की तरह मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए थे। बुधवार की सुबह जब पुजारी नित्य पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्हें मंदिर के मुख्य द्वार का ताला टूटा हुआ मिला।
पुजारी ने अंदर जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। गर्भगृह के पास रखी दानपेटी (गुल्लक) का ताला भी टूटा हुआ था और उसमें जमा महीनों की नकदी गायब थी। मंदिर में मौजूद अन्य सामान भी अस्त-व्यस्त थे, जिससे स्पष्ट होता है कि चोरों ने काफी समय लेकर तसल्ली से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। मंदिर के मुख्य द्वार और दानपेटी को तोड़ने के लिए चोरों ने भारी औजारों का इस्तेमाल किया था।
पुजारी का बयान: श्रद्धा और आस्था पर प्रहार
घटना की सूचना देते हुए मंदिर के पुजारी ने भावुक होकर बताया, "यह केवल रुपयों की चोरी नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था पर प्रहार है। भक्त अपनी श्रद्धा से दानपेटी में कुछ पैसे डालते थे ताकि मंदिर के रखरखाव और धार्मिक आयोजनों में काम आ सके। चोरों ने उस विश्वास को ही चुरा लिया है।"
उन्होंने आगे बताया कि मंदिर का यह क्षेत्र मुख्य सड़क के करीब है, फिर भी रात में कोई भी सुराग नहीं मिल पाया, जो पुलिस की गश्ती पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस की कार्रवाई: जांच जारी, लेकिन सुराग नदारद
घटना की जानकारी मिलते ही जगदीशपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया और मंदिर के आस-पास के लोगों से पूछताछ की। थानाध्यक्ष ने बताया कि चोरी की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और चोरों की पहचान करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
सीसीटीवी की तलाश: पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि चोरों के आने और जाने के रास्ते का पता चल सके।
फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट: घटना स्थल पर मिले निशानों की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी सूचना दी गई है ताकि कोई सुराग मिल सके।
हालांकि, अब तक पुलिस को कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जगदीशपुर क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन पुलिस एक भी बड़ी वारदात का खुलासा करने में नाकाम रही है।
ग्रामीणों में आक्रोश: 'गश्ती दल कहां था?'
घटनास्थल पर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। लोगों का कहना है कि अगर मंदिर जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान भी चोरी से अछूते नहीं हैं, तो आम नागरिकों के घरों की सुरक्षा का क्या भरोसा?
ग्रामीणों की मांग है कि:
रात्रि गश्ती तेज हो: जगदीशपुर के रिहायशी इलाकों और धार्मिक स्थलों के पास रात के समय पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए।
दोषियों की जल्द गिरफ्तारी: चोरों को अविलंब गिरफ्तार कर उनके द्वारा चुराई गई रकम बरामद की जाए।
सुरक्षा इंतजाम: मंदिर समिति अब मंदिर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने और रात के समय सुरक्षा गार्ड की तैनाती पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बढ़ते अपराधों का सिलसिला
गोराडीह और जगदीशपुर क्षेत्र में हाल के दिनों में चोरी की कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें सूने पड़े घरों को निशाना बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि एक गिरोह सक्रिय है जो मौका देखकर वारदातों को अंजाम देता है। पुलिस अब उन संदिग्धों की सूची बना रही है जो पहले भी चोरी की घटनाओं में संलिप्त रहे हैं।
आस्था के साथ खिलवाड़ पर कड़ी सजा की जरूरत
जगदीशपुर के इस बजरंगबली मंदिर की चोरी ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी अब बेखौफ हो गए हैं। पुलिस की मूकदर्शक बनी स्थिति स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय है। मंदिर समिति और ग्रामीण अब जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, मंदिर में पूजा-पाठ जारी है, लेकिन ग्रामीणों के दिलों में चोरों के पकड़े जाने की टीस और अगली बार के लिए सुरक्षा को लेकर डर व्याप्त है। यह घटना पुलिस के लिए एक चुनौती है कि वे कितनी जल्द इन अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजती है।