विकास के मुद्दों पर गरमाई सियासतभाजपा नेता सह पूर्व जिलाध्यक्ष बिनोद कुमार मंडल ने ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार से की मुलाकात; नगरह काली मंदिर में हाईमास्ट लाइट, जहांगीरपुर में ट्रांसफॉर्मर और सहोरा में सड़क निर्माण की पुरजोर मांग
भागलपुर : ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी विकास, निर्बाध बिजली आपूर्ति और जर्जर सड़क मार्ग जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष बिनोद कुमार मंडल ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय शिष्टाचार भेंट के दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र की जनता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं को ऊर्जा मंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखा। पूर्व जिलाध्यक्ष ने नगरह स्थित ऐतिहासिक काली मंदिर परिसर में उच्च क्षमता वाली हाईमास्ट लाइट लगवाने, जहांगीरपुर गांव में बिजली संकट से निपटने के लिए नया ट्रांसफॉर्मर स्थापित करने तथा सहोरा गांव में लंबे समय से जर्जर पड़ी सड़क का नए सिरे से निर्माण कराने की मांग से संबंधित एक विस्तृत मांगपत्र सौंपा। ऊर्जा मंत्री ने सभी बिंदुओं पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में विकास की एक नई उम्मीद जग गई है।
भाजपा नेता बिनोद कुमार मंडल द्वारा ऊर्जा मंत्री के समक्ष उठाए गए मुद्दे सीधे तौर पर ग्रामीण जनजीवन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े हुए हैं। इन मांगों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:
नगरह काली मंदिर परिसर में हाईमास्ट लाइट की स्थापना:
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व: नगरह स्थित मां काली का मंदिर इस पूरे इलाके की आस्था का एक बड़ा केंद्र है। यहां सालभर धार्मिक अनुष्ठान और पर्व-त्योहारों के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।
अंधेरे की समस्या: मंदिर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र में रात के समय प्रकाश (रोशनी) की उचित व्यवस्था न होने के कारण श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। साथ ही सुरक्षा के लिहाज से भी यह चिंता का विषय बना हुआ था।
मांग: इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री से मांग की है कि मंदिर परिसर में तत्काल प्रभाव से एक उच्च क्षमता वाली हाईमास्ट लाइट लगवाई जाए ताकि पूरा इलाका रोशन हो सके।
जहांगीरपुर में ट्रांसफॉर्मर की स्थापना (बिजली व्यवस्था में सुधार):
लो-वोल्टेज और बिजली संकट: जहांगीरपुर गांव के ग्रामीण इन दिनों गंभीर विद्युत समस्याओं से जूझ रहे हैं। इलाके में लगा पुराना ट्रांसफॉर्मर अक्सर ओवरलोडिंग के कारण खराब हो जाता है, जिससे घंटों बिजली आपूर्ति ठप रहती है।
किसानों और छात्रों की परेशानी: बिजली न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है और किसानों को सिंचाई के समय भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मांग: श्री मंडल ने ऊर्जा मंत्री से आग्रह किया है कि जहांगीरपुर में अतिरिक्त या उच्च क्षमता का एक नया ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया जाए ताकि निर्बाध और सुचारू रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
सहोरा में जर्जर सड़क का निर्माण कार्य:
आवागमन में भारी कठिनाई: सहोरा गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे राहगीरों, साइकिल चालकों और दोपहिया-चारपहिया वाहन चालकों को रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है।
बरसात के दिनों में बदतर हालात: बारिश के मौसम में इस सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे यह पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी गांव तक नहीं पहुंच पाती हैं।
मांग: इस गंभीर समस्या को उठाते हुए भाजपा नेता ने ऊर्जा एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों के माध्यम से सहोरा गांव में सड़क निर्माण का कार्य जल्द से जल्द शुरू कराने की पुरजोर मांग की है।
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार का सकारात्मक रुख और आश्वासन
भाजपा नेता बिनोद कुमार मंडल द्वारा क्षेत्र की इन बुनियादी समस्याओं को मजबूती से रखने के बाद ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने उनकी बातों को बेहद गंभीरता से सुना:
त्वरित कार्रवाई के निर्देश: मंत्री ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को फोन पर निर्देशित किया कि वे नगरह काली मंदिर में हाईमास्ट लाइट लगवाने और जहांगीरपुर के ट्रांसफॉर्मर की समस्या का आकलन कर जल्द से जल्द समाधान निकालें।
सड़क निर्माण पर आश्वासन: सहोरा गांव की सड़क के संबंध में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ग्रामीण संपर्कता को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इस प्रस्ताव को संबंधित पथ निर्माण विभाग के पास भेजकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा और जनता की प्रतिक्रिया
पूर्व जिलाध्यक्ष बिनोद कुमार मंडल की इस पहल की क्षेत्र में चौतरफा सराहना हो रही है:
विकासोन्मुखी राजनीति: स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों को सीधे मंत्रियों के समक्ष रखना एक सकारात्मक राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है।
ग्रामीणों में जगी आस: लंबे समय से सड़क, बिजली और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे नगरह, जहांगीरपुर और सहोरा के ग्रामीणों को अब उम्मीद बंधने लगी है कि प्रशासनिक सुस्ती टूटेगी और उनके दिन बहुरेंगे।
भाजपा नेता सह पूर्व जिलाध्यक्ष बिनोद कुमार मंडल की ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार से यह मुलाकात और विकास कार्यों को लेकर की गई मांगें इस बात का प्रमाण हैं कि ग्रामीण भारत की बुनियादी जरूरतें आज भी राजनीति और प्रशासन के केंद्र में हैं। नगरह काली मंदिर में हाईमास्ट लाइट, जहांगीरपुर में ट्रांसफॉर्मर और सहोरा में सड़क निर्माण जैसी मांगें यदि समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरती हैं, तो इससे न केवल क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, बल्कि आम जनता के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इन घोषणाओं को कितनी जल्दी अमलीजामा पहनाता है।