नवगछिया में खूनी संघर्ष शंकरपुर गांव में जानवर चराने को लेकर दो पक्षों के बीच हुई भीषण मारपीट; दोनों पक्षों से पांच लोग गंभीर रूप से घायल, अनुमंडल अस्पताल में चल रहा इलाज
नवगछिया/भागलपुर : भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत रंगरा थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में छोटी सी बात को लेकर उपजा विवाद किस कदर खूनी संघर्ष में बदल गया, इसका एक और जीवंत उदाहरण सामने आया है। गांव में मवेशी चराने (जानवर चराने) के पुराने और मामूली विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ से लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने लगे। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और दोनों पक्षों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, शंकरपुर गांव में खेती और पशुपालन से जुड़े लोग रहते हैं। मवेशियों को चराने को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से भी अनबन चल रही थी:
जानवर चराने को लेकर नोकझोक: मंगलवार को एक पक्ष के लोग अपने मवेशियों को लेकर खेत या चरागाह की ओर गए थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के खेत या जमीन के पास से जानवर गुजरने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोक शुरू हो गई।
बात बढ़ने पर हुआ हमला: देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने गाली-गलौज का रूप ले लिया और दोनों तरफ से लोग आमने-सामने आ गए। कुछ ही पलों में विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के लोग लाठी, डंडे और ईंट-पत्थरों से लैस होकर एक-दूसरे पर टूट पड़े।
दोनों पक्षों से पांच लोग हुए घायल
इस खूनी झड़प में दोनों पक्षों के लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण बीच-बचाम के लिए दौड़े, जिसके बाद उपद्रवी शांत हुए:
घायलों की सूची: इस हिंसक मारपीट में एक पक्ष से तीन और दूसरे पक्ष से दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
अस्पताल में अफरातफरी: घटना के तुरंत बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी पांचों घायलों को ऑटो और अन्य वाहनों से नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आपातकालीन कक्ष में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया।
चिकित्सीय स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
नवगछिया अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है:
पुलिस दल की अस्पताल में तैनाती: घटना की सूचना मिलते ही नवगछिया थाना और रंगरा थाना की पुलिस तुरंत अनुमंडल अस्पताल पहुंच गई। पुलिस ने घायलों का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिंसा की शुरुआत किसने की थी।
प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से आवेदन प्राप्त होने के बाद सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। फिलहाल पुलिस गांव में अतिरिक्त बल तैनात कर चुकी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या जवाबी हमले से बचा जा सके।
ग्रामीण इलाकों में मवेशी चराने और जमीन के विवादों पर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी बातों पर होने वाले हिंसक टकरावों की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है:
आपसी सहनशीलता की कमी: बुद्धिजीवियों का मानना है कि मवेशी चराने या पानी के इस्तेमाल जैसी छोटी बातों पर दबंगई दिखाना और कानून अपने हाथ में लेना समाज के लिए घातक साबित हो रहा है।
प्रशासनिक सतर्कता की मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के स्थानीय विवादों को समय रहते सुलझाने के लिए पंचायत स्तर पर या पुलिस स्तर पर काउंसलिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि बात खूनी संघर्ष तक न पहुंचे।
नवगछिया के शंकरपुर गांव में जानवर चराने को लेकर हुई मारपीट और पांच लोगों के घायल होने की यह घटना यह दर्शाती है कि ग्रामीण समाज में संयम की कितनी कमी होती जा रही है। एक तरफ जहां अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कह रही है। यदि समय रहते ऐसे विवादों का शांतिपूर्ण समाधान नहीं निकाला गया, तो यह छोटी चिंगारी बड़े सामाजिक द्वेष का रूप ले सकती है। पुलिस अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।