सुल्तानगंज में पुलिस की बड़ी कार्रवाई मिरहट्टी फोरलेन के पास गुप्त सूचना पर 39 भैंसों से भरा कंटेनर जब्त; दो कुख्यात तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महकमे में हड़कंप

भागलपुर/सुल्तानगंज (विशेष संवाददाता): बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सुल्तानगंज पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मिरहट्टी फोरलेन के पास से क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरे गए 39 भैंसों से लदे एक विशाल कंटेनर को बरामद किया है। इस छापेमारी और जब्ती के दौरान पुलिस ने मौके से दो तस्करों को भी दबोच लिया है, जो इस अवैध धंधे को संचालित कर रहे थे। इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए सुल्तानगंज थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने बताया कि पुलिस पशु तस्करों के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है और गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।

कैसे मिली पुलिस को सूचना और क्या थी योजना?

प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, सुल्तानगंज थाना पुलिस को पिछले कुछ दिनों से लगातार यह इनपुट मिल रहा था कि इस रास्ते से होकर पशुओं की अवैध तस्करी की बड़ी खेप गुजरने वाली है:

मुखबिर की सटीक सूचना: थानाध्यक्ष धनंजय कुमार को गुरुवार को गुप्त सूत्रों के माध्यम से यह पुख्ता जानकारी मिली कि एक बड़े कंटेनर (ट्रक) में दर्जनों मवेशियों को अमानवीय तरीके से लादकर सुल्तानगंज के रास्ते से ले जाया जा रहा है।

तुरंत गठित की गई विशेष टीम: सूचना मिलते ही बिना कोई वक्त गंवाए थानाध्यक्ष ने अपने नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया और मिरहट्टी फोरलेन के समीप जाल बिछाकर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी।

मिरहट्टी फोरलेन पर हुई नाकाबंदी और बरामदगी

योजना के मुताबिक, जब संदिग्ध कंटेनर मिरहट्टी फोरलेन के पास से गुजर रहा था, तो पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया:

कंटेनर की तलाशी: पुलिस को देखकर चालक ने गाड़ी भगाने की कोशिश की, लेकिन सतर्क जवानों ने तुरंत घेराबंदी कर कंटेनर को अपने कब्जे में ले लिया। जब वाहन का पिछला दरवाजा खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।

39 बेकसूर भैंसों की दयनीय स्थिति: उस बड़े कंटेनर के भीतर कुल 39 भैंसों को बेरहमी से इस तरह ठूंस-ठूंसकर भरा गया था कि उन्हें हिलने-डुलने तक की जगह नहीं मिल रही थी। कई मवेशी दम घुटने और गर्मी के कारण बुरी तरह अछट रहे थे। पुलिस ने तुरंत सभी मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनके लिए चारे-पानी की व्यवस्था की।

दो तस्कर गिरफ्तार, अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका

मौके से पुलिस ने दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है:

गिरफ्तारी और पूछताछ: पुलिस गिरफ्त में आए तस्करों से यह उगलवाने की कोशिश की जा रही है कि वे इन मवेशियों को कहां से लेकर आ रहे थे और इन्हें किस अवैध वधशाला (Slaughterhouse) या दूसरे राज्य में ले जाया जा रहा था।

अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ: शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि यह कोई छुटपुट तस्करों का काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है, जो सुनियोजित तरीके से मवेशी तस्करी के इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा है। पुलिस अब इनके अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

थानाध्यक्ष धनंजय कुमार का बयान

इस पूरी सफल कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए सुल्तानगंज थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने मीडिया को बताया कि:

“गुप्त सूचना के आधार पर मिरहट्टी फोरलेन के पास त्वरित कार्रवाई करते हुए एक कंटेनर से 39 भैंसों को बरामद किया गया है। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। पशु क्रूरता अधिनियम और संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। तस्करों के इस नेटवर्क में शामिल अन्य चेहरों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा।”

सुल्तानगंज में पुलिस द्वारा 39 भैंसों से भरे कंटेनर की जब्ती और दो तस्करों की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि स्थानीय प्रशासन अपराध और तस्करी के खिलाफ पूरी तरह मुस्तैद है। हालांकि, ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों से गुजरने वाले इन हाईवे मार्गों पर मवेशियों की अवैध तस्करी का यह धंधा इस बात का प्रमाण है कि तस्कर अभी भी सक्रिय हैं। यदि पुलिस इसी तरह चौकस रहकर लगातार कार्रवाई करती रही, तो जल्द ही इस अवैध नेटवर्क की कमर पूरी तरह टूट जाएगी।