बिहपुर में बिहार सरकार के निर्देश पर 'सबका सम्मान-जीवन आसान' अभियान के तहत भव्य सहयोग शिविर आयोजित; मुखिया नीना रानी और ग्रामीणों की रही भारी उपस्थिति, योजनाओं की उतरी झड़ी
भागलपुर/बिहपुर (विशेष संवाददाता): बिहार सरकार की दूरदर्शी सोच और जन-कल्याणकारी नीतियों को सीधे सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्यभर में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड क्षेत्र में बिहार सरकार के कड़े निर्देशों और जिला प्रशासन की पहल पर 'सबका सम्मान-जीवन आसान' अभियान के अंतर्गत एक विशाल और प्रभावी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि इसमें प्रशासनिक अमले के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम ग्रामीणों ने भी भारी संख्या में शिरकत की। शिविर की अध्यक्षता और संचालन में बिहपुर की लोकप्रिय मुखिया नीना रानी की सक्रिय भूमिका देखने को मिली, जिन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को इस शिविर से जोड़ा। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और मौके पर ही जरूरतमंदों के आवेदन स्वीकार किए।
क्या है 'सबका सम्मान-जीवन आसान' अभियान का मूल स्वरूप?
बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया यह अभियान केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें शासन की मुख्यधारा से जोड़ने का एक महा-अभियान है:
सम्मान और अधिकार की गारंटी: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को उसका हक दिलाना है, ताकि किसी भी गरीब या असहाय को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें।
एक ही छत के नीचे सभी सेवाएं: इस सहयोग शिविर के माध्यम से पेंशन, राशन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाएं, भूमि सुधार, श्रम पंजीकरण और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी दर्जनों योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाता है।
मुखिया नीना रानी के नेतृत्व में उमड़ा जनसैलाब
बिहपुर में आयोजित इस शिविर को सफल बनाने में स्थानीय पंचायत की मुखिया नीना रानी और उनकी टीम ने दिन-रात मेहनत की:
डोर-टू-डोर जनसंपर्क: शिविर के आयोजन से पहले मुखिया नीना रानी ने क्षेत्र के विभिन्न टोलों और गांवों में जाकर लोगों को जागरूक किया, जिसका परिणाम यह हुआ कि शिविर के दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा अपनी समस्याएं लेकर पहुंच गए।
ग्रामीणों का उत्साह: मुखिया ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि "सरकार की मंशा है कि गांव का हर एक नागरिक आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सके और उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए परेशान न होना पड़े। यह शिविर जनता के द्वार पर सरकार की उपस्थिति का प्रमाण है।"
अधिकारियों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी
शिविर में उपस्थित विभिन्न विभागों के प्रखंड और जिला स्तरीय अधिकारियों ने स्टॉल लगाकर सरकार की योजनाओं का बखान किया और लोगों को जागरूक किया:
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना: वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए चलाई जा रही पेंशन योजनाओं के नए आवेदनों की प्रक्रिया को मौके पर ही पूरा किया गया। जिन बुजुर्गों के कागजात में त्रुटि थी, उन्हें तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए।
राशन कार्ड और खाद्यान्न सुरक्षा: नए राशन कार्ड बनवाने और पुराने कार्डों में नाम जुड़वाने व संशोधन कराने के लिए दर्जनों आवेदन प्राप्त हुए, जिस पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मियों ने तेजी से काम शुरू किया।
स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं: स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए कैंप में ग्रामीणों के स्वास्थ्य की मुफ्त जांच की गई और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई।
मनरेगा और कृषि योजनाएं: किसानों को आधुनिक खेती, बीज अनुदान और मिट्टी जांच के साथ-साथ मनरेगा के तहत मिलने वाले रोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से बताया गया।
शिविर में प्राप्त आवेदन और त्वरित निस्तारण के निर्देश
इस सहयोग शिविर के दौरान विभिन्न समस्याओं से जुड़े दर्जनों आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया:
जमीन और पैमाइश के मामले: ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद से जुड़े कई मामले सामने आए, जिन्हें राजस्व कर्मचारियों और अंचल अधिकारियों को सौंपते हुए प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया।
फीडबैक और मॉनिटरिंग: अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिविर में जितने भी आवेदन आए हैं, उनकी साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ वास्तविक रूप से पहुंचा है या नहीं।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और संतोष का भाव
बिहपुर के इस शिविर में पहुंचे आम ग्रामीणों के चेहरों पर एक अलग ही संतुष्टि और उम्मीद का भाव साफ झलक रहा था:
"अब अधिकारियों के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ी": स्थानीय निवासियों ने कहा कि पहले अपने छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे और कई-कई महीने बीत जाते थे, लेकिन इस शिविर के माध्यम से अधिकारी खुद हमारे दरवाजे पर आए हैं और हमारी समस्याएं सुनी हैं।
प्रशासन और पंचायत के तालमेल की सराहना: ग्रामीणों ने बिहार सरकार, जिला प्रशासन और विशेष रूप से मुखिया नीना रानी के प्रयासों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
बिहपुर में आयोजित 'सबका सम्मान-जीवन आसान' सहयोग शिविर इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और जनता तीनों मिलकर किसी दिशा में काम करते हैं, तो शासन व्यवस्था कितनी संवेदनशील और प्रभावी हो जाती है। मुखिया नीना रानी के नेतृत्व में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता और अधिकारियों द्वारा योजनाओं के सुगम वितरण ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। यदि ऐसे शिविर नियमित अंतराल पर हर पंचायत में आयोजित होते रहें, तो यकीनन ग्रामीण भारत का परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा और हर नागरिक का जीवन वाकई आसान और सम्मानित बन सकेगा।