बीडीओ शालिनी के नेतृत्व में पंचायत सरकार भवन से तमौनी मोड़ तक निकली भव्य 'हर-घर तिरंगा' यात्रा; गूंजे 'भारत माता की जय' के नारे
गौराचौकी/भागलपुर (विशेष संवाददाता): देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक, पावन और गौरवशाली राष्ट्रीय पर्व के जश्न से पूरा भागलपुर जिला और उसकी सिल्क सिटी पूरी तरह सराबोर हो चुकी है। स्वतंत्रता दिवस के ठीक एक दिन पूर्व गुरुवार को भागलपुर जिले के गौराचौकी पंचायत क्षेत्र में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और उत्साह का एक अत्यंत ही विहंगम, भव्य और प्रेरणादायी नजारा देखने को मिला। केंद्र सरकार और जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी 'हर-घर तिरंगा' अभियान के तहत गौराचौकी पंचायत सरकार भवन परिसर से एक विशाल और ऐतिहासिक 'तिरंगा यात्रा' का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसका कुशल और ऊर्जावान नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) शालिनी ने स्वयं आगे बढ़कर किया। हाथों में तिरंगा झंडा थामे प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्कूली बच्चों और सैकड़ों ग्रामीण नागरिकों का यह कारवां जब गौराचौकी पंचायत सरकार भवन से निकलकर तमौनी मोड़ तक पहुँचा, तो पूरा इलाका 'वंदे मातरम्', 'भारत माता की जय' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के गगनभेदी नारों से गूँज उठा।
पंचायत सरकार भवन परिसर से आरंभ हुआ यात्रा का कारवां और उत्साह का माहौल
गुरुवार की सुबह से ही गौराचौकी पंचायत सरकार भवन का पूरा परिसर और आसपास का इलाका किसी बड़े राष्ट्रीय उत्सव की तरह सजा हुआ और जीवंत नजर आ रहा था:
हाथों में तिरंगा और चेहरों पर गर्व की चमक: सुबह निर्धारित समय पर पंचायत क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, युवा और ग्रामीण नागरिक कतारबद्ध होकर पंचायत सरकार भवन परिसर में एकत्र हुए। बच्चों और युवाओं के हाथों में छोटे-बड़े तिरंगे झंडे थे और उनके चेहरों पर देश के प्रति अटूट प्रेम और गर्व की चमक साफ झलक रही थी। बीडीओ शालिनी की उपस्थिति में सभी ने अनुशासन का परिचय देते हुए राष्ट्रगान का गायन किया और इसके बाद संयुक्त रूप से तिरंगा यात्रा का श्रीगणेश किया गया।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अगुवाई: बीडीओ शालिनी के साथ-साथ पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव, अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के कर्मी आगे-आगे चलकर इस तिरंगा यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय पुलिस प्रशासन और प्रबुद्ध नागरिकों ने भी पूरा सहयोग किया।
गौराचौकी पंचायत से तमौनी मोड़ तक का रूट और जनता द्वारा भव्य स्वागत
पंचायत सरकार भवन से शुरू हुई यह तिरंगा यात्रा अपने तयशुदा मार्गों से गुजरती हुई गौराचौकी के मुख्य बाजारों और ग्रामीण सड़कों से होते हुए तमौनी मोड़ तक पहुँची:
रूट का नजारा और ग्रामीणों द्वारा पुष्प वर्षा: यात्रा के दौरान जब यह कारवां गौराचौकी से तमौनी मोड़ के मार्ग से गुजरा, तो सड़कों के दोनों किनारों पर खड़े स्थानीय दुकानदारों, नागरिकों, माताओं और बुजुर्गों ने तालियां बजाकर और पुष्प वर्षा कर इस यात्रा का जोरदार स्वागत किया। ग्रामीण परिवेश में इस तरह का राष्ट्रव्यापी और अनुशासित आयोजन देखकर हर कोई अभिभूत नजर आया।
बच्चों द्वारा देशभक्ति गीतों की गूंज: पूरी पदयात्रा के दौरान बच्चे पूरे रास्ते उत्साह के साथ 'ऐ मेरे वतन के लोगों...', 'कदम-कदम बढ़ाए जा...' और अन्य पारंपरिक देशभक्ति गीत गाते हुए चल रहे थे। बच्चों का यह संगीत और जोश देखकर राहगीर और स्थानीय लोग भी मंत्रमुग्ध हो गए।
तमौनी मोड़ पर समापन और बीडीओ शालिनी का प्रेरणादायी संबोधन
पंचायत सरकार भवन से चलकर यह भव्य तिरंगा यात्रा जब तमौनी मोड़ के प्रांगण में पहुँची, तो वहाँ एक गरिमामयी और उत्साहवर्धक सभा का रूप ले लिया:
बीडीओ शालिनी का संबोधन: तमौनी मोड़ पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी शालिनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और 'हर-घर तिरंगा' अभियान का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक के भीतर राष्ट्र के प्रति कर्तव्य भाव को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि गौराचौकी पंचायत के लोगों ने जिस प्रकार बढ़-चढ़कर इस यात्रा में हिस्सा लिया है, वह यहाँ के नागरिकों के अटूट देशप्रेम को दर्शाता है। उन्होंने सभी से अपील की कि आगामी 15 अगस्त को अपने-अपने घरों पर ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज अवश्य फहराएं।
'भारत माता की जय' से गूंजा इलाका: बीडीओ के संबोधन के बाद छात्रों और युवाओं ने एक स्वर में 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारे लगाए, जिससे पूरा तमौनी मोड़ क्षेत्र गूंज उठा।
राष्ट्र निर्माण और अमर शहीदों को श्रद्धांजलि
तमौनी मोड़ पर जब यात्रा का समापन हुआ, तो वहाँ एक संक्षिप्त संकल्प सभा का आयोजन किया गया:
शहीदों को नमन: सभा के दौरान सभी उपस्थित बच्चों, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर देश के उन तमाम अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
सामूहिक संकल्प: वक्ताओं ने उपस्थित सभी युवाओं और छात्रों को यह शपथ दिलाई कि वे भविष्य में एक अच्छे नागरिक बनकर देश और समाज के विकास में अपना योगदान देंगे। कार्यक्रम के अंत में बच्चों के बीच उत्साहवर्धन हेतु मिठाइयाँ वितरित की गईं।
गौराचौकी पंचायत सरकार भवन परिसर से तमौनी मोड़ तक बीडीओ शालिनी के नेतृत्व में निकाली गई यह 'हर-घर तिरंगा' यात्रा महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह गौराचौकी अंचल में राष्ट्रप्रेम, एकता और अनुशासन का एक जीवंत दस्तावेज बन गई। इस ऐतिहासिक आयोजन ने क्षेत्र के हर नागरिक और बच्चे के दिल में स्वतंत्रता दिवस के जश्न को और अधिक गौरवशाली, यादगार और ऐतिहासिक बना दिया है, जो लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में ताजा रहेगा।