विजयनगर कॉलोनी हवाई अड्डा शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर निकली भव्य कलश शोभायात्रा; बरारी गंगा घाट से महिलाओं ने भरा जल, गूंजे 'हर-हर महादेव' के जयकारे
भागलपुर (विशेष संवाददाता): देवों के देव महादेव की नगरी भागलपुर में इन दिनों धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठानों की धूम मची हुई है। इसी क्रम में शुक्रवार को भागलपुर के प्रसिद्ध विजयनगर कॉलोनी, हवाई अड्डा के समीप स्थित नवनिर्मित/पुनरुद्धारित शिव मंदिर में भगवान शिव की प्राण प्रतिष्ठा के पावन और ऐतिहासिक अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक आयोजन को लेकर शुक्रवार की सुबह क्षेत्र में उत्साह, उमंग और श्रद्धा का एक अत्यंत ही विहंगम नजारा देखने को मिला, जब मंदिर कमेटी और स्थानीय श्रद्धालुओं के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल 'कलश शोभायात्रा' निकाली गई। माथे पर पवित्र कलश उठाए पीतांबर और लाल वस्त्रों में सजी सैकड़ों महिलाओं और युवतियों का यह कारवां विजयनगर कॉलोनी से होते हुए शहर के प्रसिद्ध बरारी गंगा घाट तक पहुँचा। यहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा में डुबकी लगाकर पवित्र जल भरा गया और पूरे विधि-विधान के साथ अनुष्ठान की शुरुआत की गई। इस दौरान पूरे मार्ग में गूंजते 'हर-हर महादेव', 'बम-बम भोले' और 'ॐ नमः शिवाय' के जयकारों से पूरा भागलपुर शहर शिवमय हो गया।
विजयनगर कॉलोनी शिव मंदिर से आरंभ हुआ धार्मिक अनुष्ठान का कारवां
शुक्रवार की सुबह सूर्योदय के साथ ही विजयनगर कॉलोनी और हवाई अड्डा के आसपास का पूरा इलाका हर-हर महादेव की गूंज से जाग उठा:
सजा-धजा मंदिर परिसर और उत्सव का माहौल: शिव मंदिर परिसर को भव्य फूलों, अशोक के पत्तों और रंग-बिरंगी प्रकाश व्यवस्था से दुल्हन की तरह सजाया गया था। प्राण प्रतिष्ठा जैसे पवित्र अनुष्ठान के पहले दिन सुबह से ही मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था।
महिलाओं की भारी भीड़ और अनुशासन: कलश यात्रा में भाग लेने के लिए अहले सुबह से ही बड़ी संख्या में सुहागन महिलाओं और युवतियों का जत्था मंदिर परिसर में एकत्र होने लगा था। सभी के चेहरों पर भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और प्राण प्रतिष्ठा के इस अनुष्ठान में शामिल होने का उल्लास साफ झलक रहा था। आचार्य और पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी के कलशों का पूजन कराया गया, जिसके बाद मुख्य शोभायात्रा की शुरुआत हुई।
बरारी गंगा घाट पर उमड़ा जनसैलाब, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भरा गया जल
विजयनगर कॉलोनी से गाजे-बाजे, हाथी-घोड़े (यदि हों तो) और डीजे पर बजते शिव भजनों के साथ निकली यह कलश शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए उत्तर वाहिनी बरारी गंगा घाट पर पहुँची:
गंगा तट पर गूंजे मंत्र: बरारी गंगा घाट पर पहुँचते ही पूरा तट 'हर-हर गंगा' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंज उठा। आचार्य के निर्देशन में सभी व्रती महिलाओं और कन्याओं ने माँ गंगा का आचमन और पूजन किया। इसके बाद वेदों की ऋचाओं और मंत्रोच्चार के बीच कलश में पवित्र गंगाजल भरा गया।
गंगा स्नान और संकल्प: जल भरने के बाद सभी श्रद्धालुओं ने माँ गंगा की आरती उतारकर क्षेत्र की सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। इस दौरान घाट का पूरा दृश्य पूरी तरह अलौकिक और पवित्र प्रतीत हो रहा था, जहाँ हर तरफ आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ था।
भक्तिमय माहौल में शहर के मुख्य मार्गों से लौटी शोभायात्रा
बरारी गंगा घाट से पवित्र जल से भरे कलश को सिर पर उठाकर श्रद्धालुओं का यह विशाल जत्था पुनः गाजे-बाजे के साथ विजयनगर कॉलोनी स्थित शिव मंदिर के लिए रवाना हुआ:
मार्ग में हुआ भव्य स्वागत: जब यह कलश शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों और चौराहों से गुजरी, तो जगह-जगह स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर कांवरियों और कलश यात्रियों के लिए ठंडे पानी, शरबत और फलाहार की विशेष व्यवस्था की गई थी, जो सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश कर रही थी।
मंदिर परिसर में प्रवेश और कलश स्थापना: यात्रा के पुनः विजयनगर कॉलोनी हवाई अड्डा स्थित शिव मंदिर पहुँचने पर आचार्य द्वारा विधिवत रूप से सभी कलशों को मंदिर केमंडप में स्थापित किया गया। इसके साथ ही प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत होने वाले चार दिवसीय या तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों (जैसे मंडप प्रवेश, पंचांग पूजन, और अन्धिवास) की शुरुआत हो गई।
आयोजन समिति और स्थानीय गणमान्य लोगों का योगदान
इस भव्य प्राण प्रतिष्ठा और कलश यात्रा को सफल बनाने में विजयनगर कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों, युवाओं और मंदिर कमेटियों का अभूतपूर्व योगदान रहा:
समिति के सदस्यों के विचार: आयोजन समिति के प्रमुख सदस्यों ने बताया कि इस शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है। स्थानीय लोगों के सहयोग से ही इस बड़े धार्मिक अनुष्ठान को मूर्त रूप दिया जा सका है।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व: इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से न केवल आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत होता है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
शुक्रवार को विजयनगर कॉलोनी के हवाई अड्डा समीप स्थित शिव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर निकाली गई यह कलश शोभायात्रा और बरारी गंगा घाट से जल भरकर लौटने का यह अनुष्ठान भागलपुर के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गया है। इस भव्य आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया है, और आगामी दिनों में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।