मुजफ्फरपुर में श्रावणी मेले की भव्य तैयारी: नगर आयुक्त ने किया बाबा गरीबनाथ मंदिर और कांवरिया मार्ग का औचक निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश
बिहार के प्रसिद्ध देवघर की तर्ज पर मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में भी सावन के पवित्र महीने के दौरान शिव भक्तों (कांवरियों) का भारी सैलाब उमड़ता है। आगामी श्रावणी मेले को शांतिपूर्ण, सुगम और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) ने प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी टीम के साथ शहर के ऐतिहासिक बाबा गरीबनाथ मंदिर परिसर और प्रमुख कांवरिया मार्गों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां चाक-चौबंद करने के कड़े निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य फोकस और व्यवस्थाओं का जायजा
श्रावणी मेले के दौरान देश के कोने-कोने से लाखों की संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु बाबा गरीबनाथ को जल अर्पण करने के लिए मुजफ्फरपुर पहुंचते हैं। कांवरियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नगर आयुक्त ने पैदल चलकर पूरे रूट का मुआयना किया। उन्होंने मंदिर के गर्भ गृह के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल की व्यवस्था, और साफ-सफाई के इंतजामात को बारीकी से परखा।
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि मेले के रूट पर कई जगहों पर नगर निगम की व्यवस्थाएं अपर्याप्त हैं, जिसे सुधारने के लिए तुरंत अधिकारियों को पाबंद किया गया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिव भक्तों की आस्था और उनकी सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इंजीनियरों को खुले नालों को बंद करने और सड़क मरम्मत के सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने रास्ते में कई जगहों पर खुले नालों और जर्जर सड़कों को देखा, जिससे कांवरियों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ था। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मौके पर मौजूद नगर निगम के कार्यकारी इंजीनियरों (Engineers) और संवेदकों को तुरंत प्रभाव से खुले नालों को स्लैब या जाली से ढकने तथा टूटी-फूट सड़कों की तत्काल मरम्मत (Road Repair) करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि मेले के मुख्य मार्ग और गलियों में जहां भी गड्ढे हैं, उन्हें गिट्टी और पिचिंग कर दुरुस्त किया जाए ताकि नंगे पांव चलने वाले कांवरियों को किसी प्रकार की चोट या परेशानी न हो। साथ ही, जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम की साफ-सफाई समय पर पूरा करने का आदेश दिया गया।
रात से सड़कों की विशेष सफाई और लाइटिंग की व्यवस्था
श्रावणी मेले के दौरान रात-दिन कांवरियों का आना-जाना लगा रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए नगर आयुक्त ने निर्देश दिया है कि आज रात से ही सड़कों की विशेष साफ-सफाई का अभियान युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। कचरे के उठान के लिए विशेष गाड़ियां लगाई जाएंगी और शहर के मुख्य मार्गों पर सैनिटाइजेशन का काम भी तेजी से किया जाएगा।
इसके अलावा, कांवरिया मार्ग पर पर्याप्त रोशनी (Lighting) की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि रात के समय सफर करने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट्स को तुरंत बदलने और डार्क स्पॉट्स पर अतिरिक्त हाई-मास्ट लाइटें लगाने की बात कही गई है।
सुरक्षा, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं
श्रावणी मेले को लेकर प्रशासन बहु-स्तरीय योजना पर काम कर रहा है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया:
पेयजल की उपलब्धता: कांवरियों के मार्ग पर जगह-जगह शुद्ध पेयजल के लिए चापाकल और वाटर टैंकर की व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य शिविर: मंदिर के आसपास और प्रमुख पड़ावों पर मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे, जहां डॉक्टर और जीवन रक्षक दवाइयां हमेशा उपलब्ध रहेंगी।
शौचालय की व्यवस्था: महिला और पुरुष कांवरियों के लिए अस्थायी और मोबाइल शौचालयों (Mobile Toilets) का निर्माण व उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
निष्कर्ष और प्रशासनिक प्रतिबद्धता
मुजफ्फरपुर नगर आयुक्त द्वारा किया गया यह औचक निरीक्षण इस बात का प्रतीक है कि प्रशासन इस बार श्रावणी मेले को लेकर पूरी तरह गंभीर और सतर्क है। यदि तय समय-सीमा के भीतर इंजीनियरों और अधिकारियों द्वारा सभी निर्देश जमीन पर उतार दिए जाते हैं, तो इस वर्ष बाबा गरीबनाथ के दर्शन के लिए आने वाले शिव भक्तों को बेहद सुगम और साफ-सुथरा माहौल मिलेगा। स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और मेले को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।