डीएम अलंकृता पांडेय के मार्गदर्शन में राजकीय मध्य विद्यालय, सोनवर्षा दियारा में निकाली गई भव्य तिरंगा यात्रा; उमड़ा भारी जनसैलाब

भागलपुर/सोनवर्षा दियारा (विशेष संवाददाता): देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक, पावन और गौरवशाली राष्ट्रीय पर्व के जश्न से पूरा भागलपुर जिला और उसकी सिल्क सिटी पूरी तरह सराबोर हो चुकी है। जिला प्रशासन द्वारा स्वतंत्रता दिवस को एक जन-उत्सव के रूप में मनाने की अनूठी पहल की गई है। इसी कड़ी में भागलपुर की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडेय के सख्त और प्रेरणादायी निर्देशों के अनुपालन में गुरुवार को गंगा नदी के तटवर्ती और दियारा क्षेत्र के प्रतिष्ठित राजकीय मध्य विद्यालय, सोनवर्षा दियारा में एक अत्यंत ही भव्य, आकर्षक और अनुशासित 'तिरंगा यात्रा' का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक पदयात्रा में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं, ऊर्जावान शिक्षकों, जागरूक अभिभावकों और आसपास के सैकड़ों ग्रामीण नागरिकों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के जज्बे के साथ अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। हाथों में तिरंगा झंडा थामे जब यह कारवां दियारा की पगडंडियों और ग्रामीण सड़कों से गुजरा, तो पूरा इलाका 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के गगनभेदी नारों से गूँज उठा। इस आयोजन ने दियारा अंचल में देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता का एक मजबूत संदेश दिया है।

राजकीय मध्य विद्यालय, सोनवर्षा दियारा के प्रांगण से आरंभ हुआ यात्रा का कारवां

गुरुवार की सुबह से ही राजकीय मध्य विद्यालय, सोनवर्षा दियारा का पूरा परिसर और आसपास का इलाका किसी बड़े राष्ट्रीय उत्सव की तरह सजा हुआ और जीवंत नजर आ रहा था:

बच्चों के हाथों में तिरंगा और चेहरों पर गर्व की चमक: सुबह निर्धारित समय पर विद्यालय के प्रांगण में विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राएं कतारबद्ध होकर खड़े हुए। बच्चों के हाथों में छोटे-छोटे तिरंगे झंडे थे और उनके चेहरों पर देश के प्रति अटूट प्रेम और गर्व की चमक साफ झलक रही थी। बच्चों की इस टोली ने अनुशासन का परिचय देते हुए एक स्वर में राष्ट्रगान का गायन किया।

शिक्षकों, अभिभावकों और गणमान्य लोगों की अगुवाई: विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सभी शिक्षकगण, स्थानीय अभिभावक और पंचायत के प्रबुद्ध नागरिक आगे-आगे चलकर इस तिरंगा यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

दियारा की पगडंडियों और ग्रामीण सड़कों पर गूंजे देशभक्ति के तराने

राजकीय मध्य विद्यालय से शुरू हुई यह तिरंगा यात्रा अपने तयशुदा मार्गों से गुजरती हुई सोनवर्षा दियारा के विभिन्न टोलों और मुख्य मार्गों तक पहुँची:

रूट का नजारा और ग्रामीणों द्वारा स्वागत: यात्रा के दौरान जब यह कारवां दियारा के रिहायशी इलाकों से गुजरा, तो सड़कों के दोनों किनारों पर खड़े ग्रामीण नागरिकों, माताओं और बुजुर्गों ने तालियां बजाकर और पुष्प वर्षा कर इस यात्रा का जोरदार स्वागत किया। दियारा जैसे दुर्गम और ग्रामीण परिवेश में इस तरह का राष्ट्रव्यापी आयोजन देखकर हर कोई अभिभूत नजर आया।

बच्चों द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति: पूरी पदयात्रा के दौरान बच्चे पूरे रास्ते उत्साह के साथ 'ऐ मेरे वतन के लोगों...', 'कदम-कदम बढ़ाए जा...' और अन्य पारंपरिक देशभक्ति गीत गाते हुए चल रहे थे। बच्चों का यह संगीत और जोश देखकर राहगीर और स्थानीय लोग भी मंत्रमुग्ध हो गए।

डीएम अलंकृता पांडेय के निर्देशों का दिखा व्यापक असर

भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय द्वारा जिले के सभी ग्रामीण और शहरी विद्यालयों तथा संस्थानों में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को भव्य और जन-भागीदारी वाला बनाने के कड़े निर्देश दिए गए थे:

प्रशासनिक सक्रियता और जन-जागरूकता: डीएम के इन्हीं निर्देशों का परिणाम था कि सोनवर्षा दियारा जैसे दूरदराज और नदी किनारे के क्षेत्र में भी इतने बड़े पैमाने पर तिरंगा यात्रा का सफल आयोजन संभव हो सका। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह था कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति और ग्रामीण बच्चों तक स्वतंत्रता दिवस का वास्तविक संदेश पहुँचे।

राष्ट्र निर्माण में बच्चों की भूमिका: यात्रा के समापन के उपरांत विद्यालय परिसर में आयोजित एक संक्षिप्त सभा में वक्ताओं ने डीएम के विजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों के कोमल मन में देश के प्रति कर्तव्य और समर्पण की भावना मजबूत होती है।

संकल्प सभा और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन

राजकीय मध्य विद्यालय, सोनवर्षा दियारा के प्रांगण में जब यह भव्य तिरंगा यात्रा वापस पहुँची, तो वहाँ एक गरिमामयी संकल्प सभा का आयोजन किया गया:

शहीदों को श्रद्धांजलि: सभा के दौरान सभी उपस्थित बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने दो मिनट का मौन रखकर देश के उन तमाम अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में खुली हवा में सांस ले रहे हैं।

सामूहिक संकल्प और मिष्ठान वितरण: वक्ताओं ने उपस्थित सभी युवाओं और छात्रों को यह शपथ दिलाई कि वे भविष्य में एक अच्छे नागरिक बनकर देश और समाज के विकास में अपना योगदान देंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों के बीच मिष्ठान और चॉकलेट का वितरण किया गया, जिससे उनके चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।

भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय के कुशल मार्गदर्शन और निर्देशों के तहत राजकीय मध्य विद्यालय, सोनवर्षा दियारा में आयोजित यह 'तिरंगा यात्रा' महज एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण अंचल में राष्ट्रप्रेम, एकता और भाईचारे का एक जीवंत दस्तावेज बन गई। इस ऐतिहासिक आयोजन ने सोनवर्षा दियारा क्षेत्र के हर नागरिक और बच्चे के दिल में स्वतंत्रता दिवस के जश्न को और अधिक गौरवशाली, यादगार और ऐतिहासिक बना दिया है, जो लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में ताजा रहेगा।