महागठबंधन के नेताओं ने नुक्कड़ सभा के जरिए सरकार को घेरा; महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और MSP पर तीखा हमला
भागलपुर/बिहपुर (विशेष संवाददाता): बिहार की राजनीतिक सरगर्मी के बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI/भाकपा) की राज्यव्यापी पदयात्रा अपने निर्धारित पड़ाव के तहत भागलपुर जिले के बिहपुर पहुंच गई है। इस पदयात्रा के बिहपुर पहुंचने पर स्थानीय राजनीतिक हलकों और आम जनजीवन में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। पदयात्रा के स्वागत के साथ-साथ बिहपुर में महागठबंधन के तमाम प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में एक विशाल नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। इस सभा के मंच से वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। महंगाई, चरमराती बेरोजगारी, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और किसानों को उनकी उपज पर एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी नहीं मिलने जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष को आड़े हाथों लिया गया।
क्या है भाकपा की इस राज्यव्यापी पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य?
बिहार में जनसमस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ विपक्ष लगातार मुखर हो रहा है। भाकपा द्वारा निकाली जा रही यह राज्यव्यापी पदयात्रा राज्य के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए आम जनता को जागरूक करने का अभियान है:
जनता के बीच सीधा संवाद: इस यात्रा का मुख्य मकसद गांवों और कस्बों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उनकी पीड़ा को समझना और सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनमत तैयार करना है।
महागठबंधन की एकजुटता: बिहपुर में इस पदयात्रा के दौरान कांग्रेस, राजद और अन्य घटक दलों के नेताओं ने भी सहभागिता दर्ज कराई, जिससे यह संदेश गया कि विपक्षी दल आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पूरी तरह एकजुट हैं।
नुक्कड़ सभा में वक्ताओं के तीखे तेवर और मुद्दे
बिहपुर में आयोजित नुक्कड़ सभा के दौरान वक्ताओं ने एक-एक कर उन ज्वलंत मुद्दों को उठाया जिनसे आज आम आदमी जूझ रहा है:
बेकाबू महंगाई और आम आदमी की कमर टूटना: नेताओं ने कहा कि आज दाल, तेल, रसोई गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन सरकार खामोश बैठी है।
युवाओं के लिए रोजगार का अभाव: बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए वक्ताओं ने कहा कि रोजगार के झूठे वादे करने वाले हुक्मरान आज युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बिहार के युवा पलायन करने को मजबूर हैं।
शिक्षा व्यवस्था की बदहाली: सरकारी स्कूलों की खस्ता हालत और उच्च शिक्षा में व्याप्त अराजकता पर सवाल उठाते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का बाजारीकरण कर गरीबों से पढ़ाई का अधिकार छीना जा रहा है।
किसानों और एमएसपी (MSP) का मुद्दा: देश और राज्य के अन्नदाताओं की सुध लेते हुए नेताओं ने कहा कि लंबे समय से आंदोलनरत किसानों को उनकी उपज पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप एमएसपी की कानूनी गारंटी क्यों नहीं दी जा रही है? किसानों की आय दोगुनी करने का दावा करने वाली सरकार आज उनके हक को कुचल रही है।
महागठबंधन नेताओं की हुंकार
नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए महागठबंधन के तमाम दिग्गज नेताओं ने एक स्वर में कहा कि अब जनता जागरूक हो चुकी है और जुमलों की राजनीति से ऊब चुकी है:
बदलाव का आह्वान: नेताओं ने आह्वान किया कि जनता को अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना होगा। आगामी चुनावों में यह पदयात्रा और जनसभाएं सत्ता परिवर्तन की मजबूत नींव साबित होंगी।
बिहपुर में कार्यकर्ताओं का जोश: बिहपुर में पदयात्रा के स्वागत के लिए उमड़ी भीड़ और लाल झंडों के साथ कार्यकर्ताओं का उत्साह यह बता रहा था कि ग्रामीण इलाकों में सरकार विरोधी भावनाएं तेजी से घर कर रही हैं।
बिहपुर में भाकपा की राज्यव्यापी पदयात्रा का पहुंचना और उसके बाद आयोजित यह नुक्कड़ सभा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में जनमुद्दों पर संघर्ष और तेज होने वाला है। महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और किसानों के हक की आवाज को लेकर जिस प्रकार महागठबंधन के मंच से हुंकार भरी गई है, उसने सत्ताधारी दलों की नींद जरूर उड़ा दी है। यह यात्रा न केवल वामपंथी दलों की जमीन को मजबूत कर रही है, बल्कि जनता के बीच सुलग रहे असंतोष को एक स्पष्ट राजनीतिक मंच भी प्रदान कर रही है।