अगले 20 वर्षों की जरूरतों के अनुसार संवरेगा 'ग्रेटर भागलपुर' 359 वर्ग किमी क्षेत्र में बनेगा जीआईएस आधारित मास्टर प्लान, एक्सेल जियोमैटिक्स प्राइवेट लिमिटेड को मिली जिम्मेदारी
भागलपुर : सिल्क सिटी के रूप में मशहूर भागलपुर अब भविष्य की आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक नए और भव्य स्वरूप में ढलने जा रहा है। बढ़ती आबादी, यातायात के दबाव, अनियोजित बसावट और शहरी बुनियादी ढांचे की चुनौतियों से निपटने के लिए बिहार सरकार और नगर विकास एवं आवास विभाग ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अगले 20 वर्षों (भविष्य की आवश्यकताओं) को ध्यान में रखते हुए 'ग्रेटर भागलपुर' के विकास का नया ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 359 वर्ग किलोमीटर के विशाल दायरे में जीआईएस (GIS - भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इस तकनीकी रूप से उन्नत मास्टर प्लान को तैयार करने की जिम्मेदारी गाजियाबाद की प्रतिष्ठित एजेंसी 'एक्सेल जियोमैटिक्स प्राइवेट लिमिटेड' को सौंपी गई है।
359 वर्ग किलोमीटर तक फैलाया गया आयोजना क्षेत्र
भागलपुर के विकास के दायरे को ऐतिहासिक रूप से बढ़ाते हुए इसे 'ग्रेटर भागलपुर' का स्वरूप दिया गया है:
दायरे में विस्तार: पहले भागलपुर का योजना क्षेत्र सीमित था, जिसे बढ़ाकर अब 359 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। इसमें लगभग 140 वर्ग किलोमीटर का नया क्षेत्र जोड़ा गया है।
शामिल क्षेत्र और गांव: इस नए मास्टर प्लान में केवल नगर निगम क्षेत्र ही नहीं, बल्कि आसपास के छह प्रमुख प्रखंडों—नाथनगर, जगदीशपुर, सबौर, शाहकुंड, सुलतानगंज और गोराडीह के कुल 384 राजस्व गांवों को शामिल किया गया है।
एकीकृत विकास: इन ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों को जोड़ने से भविष्य में आवासीय कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों, सड़कों और कमर्शियल हब का निर्माण पूरी तरह सुनियोजित तरीके से हो सकेगा।
एक्सेल जियोमैटिक्स द्वारा जीआईएस (GIS) आधारित मास्टर प्लान की विशेषताएं
गाजियाबाद की विशेषज्ञ एजेंसी 'एक्सेल जियोमैटिक्स प्राइवेट लिमिटेड' आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इस मास्टर प्लान को अंतिम रूप दे रही है:
वैज्ञानिक सर्वे और मैपिंग: एजेंसी द्वारा मोबाइल ऐप और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण और मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। बेस मैप तैयार कर विभिन्न विभागों से सटीक आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।
भूमि उपयोग (Land Use) का निर्धारण: मास्टर प्लान के तहत यह स्पष्ट रूप से तय किया जाएगा कि कौन सी भूमि आवासीय उपयोग के लिए होगी, कहाँ उद्योग लगेंगे, कहाँ हरित क्षेत्र (Green Zones) विकसित होंगे और कहाँ वाणिज्यिक गतिविधियां संचालित होंगी।
यातायात और पार्किंग की समस्याओं का समाधान: शहर में आए दिन लगने वाले ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चौड़ी सड़कों, बाईपास और आधुनिक पार्किंग स्थलों का प्रावधान किया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा और कार्य में तेजी
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहे हैं:
विभिन्न विभागों का सहयोग: मास्टर प्लान के निर्माण के लिए लगभग 40 से अधिक संबंधित विभागों से आंकड़े और रिपोर्ट प्राप्त की जा रही हैं। पेयजल, सीवरेज, बिजली, और सड़क नेटवर्क से जुड़े इन आंकड़ों के आधार पर प्लानिंग को पुख्ता किया जा रहा है।
समीक्षा बैठकें: परियोजना के कार्यों में तेजी लाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारी स्तर पर अब तक हुए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट की गहन समीक्षा की जा रही है।
आम जनता के लिए क्या होगा खास?
इस योजना के धरातल पर उतरने से भागलपुर के नागरिकों को अभूतपूर्व लाभ मिलने की उम्मीद है:
अवैध और अनियोजित निर्माण पर लगाम: मास्टर प्लान लागू होने से शहरों और ग्रामीण सीमाओं पर हो रहे बेतरतीब निर्माण पर रोक लगेगी, जिससे भविष्य में शहर गंदे मोहल्लों (Slums) में तब्दील होने से बचेगा।
बेहतर बुनियादी सुविधाएं: नागरिकों को सुचारू रूप से बिजली, साफ पानी, सीवरेज सिस्टम, पार्क और चौड़ी सड़कें मिल सकेंगी।
जनता से सुझाव लेने की प्रक्रिया: विभागीय प्रक्रिया पूरी होने और ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इस मास्टर प्लान को आम जनता के लिए सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि लोग इस पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकें। इसके बाद अंतिम मसौदा राज्य कैबिनेट को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
एक्सेल जियोमैटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से तैयार हो रहा यह जीआईएस आधारित मास्टर प्लान भागलपुर के लिए एक नए युग की शुरुआत है। आगामी 20 वर्षों की जनसंख्या और विकास की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा यह 'ग्रेटर भागलपुर' का खाका न केवल सिल्क सिटी की तस्वीर बदलेगा, बल्कि इसे एक आधुनिक, स्मार्ट और सुव्यवस्थित महानगर के रूप में स्थापित करेगा। इस दूरदर्शी योजना से भागलपुर के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास को पंख लगेंगे।