शाहकुंड में बेलगाम ओवरलोडिंग का कहर किरणपुर-डोहराडीह मार्ग पर बेकाबू ट्रक के फंसने से लगा भीषण जाम; घंटों फंसी रहीं स्कूली बसें, राहगीरों को हुई भारी फजीहत

शाहकुंड/भागलपुर: भागलपुर जिले के शाहकुंड प्रखंड अंतर्गत किरणपुर-डोहराडीह मुख्य मार्ग पर मंगलवार को ओवरलोडिंग और वाहन चालकों की मनमानी का एक और खतरनाक नजारा देखने को मिला। सड़क की क्षमता से कई गुना अधिक वजन लादकर गुजर रहा एक ओवरलोड ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर मुख्य मार्ग के बीचों-बीच असंतुलित हो गया। इस वजह से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते सड़क पर एक घंटे तक भयंकर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे जरूरी कामकाज से निकलने वाले आम लोगों के साथ-साथ छोटे-छोटे स्कूली बच्चे भी घंटों चिलचिलाती धूप और जाम के बीच फंसे रहे। हालांकि, बाद में स्थानीय लोगों के प्रयास और कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक को वहां से हटाया गया, तब जाकर यातायात सुचारू हो सका।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर के वक्त व्यस्त आवाजाही के दौरान घटी:

अचानक अनियंत्रित हुआ ट्रक: किरणपुर से डोहराडीह की ओर जाने वाले इस संपर्क मार्ग पर भारी मात्रा में सामान लादकर एक ओवरलोड ट्रक गुजर रहा था। रास्ते में मोड़ या खराब सड़क के कारण ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क के एक हिस्से में तिरछा होकर फंस गया।

रास्ता पूरी तरह जाम: ट्रक के इस तरह बीच सड़क पर फंसने के कारण दोनों तरफ से आने वाले छोटे-बड़े वाहन पूरी तरह थम गए। सड़क संकरी होने के कारण पीछे से आ रहे अन्य वाहनों को निकलने का कोई मौका नहीं मिला।

स्कूली बसें फंसीं, बच्चों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता

इस जाम का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि इसकी चपेट में स्कूली बच्चों से भरी बसें भी आ गईं:

धूप और उमस से परेशान बच्चे: स्कूल की छुट्टियां होने के बाद बच्चों को लेकर घर लौट रही बसें इस जाम में करीब एक घंटे तक फंसी रहीं। भीषण गर्मी और उमस के कारण बस के अंदर बैठे छोटे-छोटे बच्चे बेहाल नजर आए।

अभिभावकों की धड़कनें तेज: जब परिजनों को इस बात की सूचना मिली कि उनके बच्चों की बस रास्ते में भयंकर जाम में फंस गई है, तो उनकी सांसें अटक गईं। कई अभिभावक खुद पैदल ही मौके की ओर भागे ताकि बच्चों का हाल-चाल जान सकें।

ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक रोक के बावजूद धड़ल्ले से चल रहे वाहन

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण और संपर्क सड़कों पर ओवरलोडिंग की समस्या को उजागर कर दिया है:

नियमों की खुलेआम धज्जियां: स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद बालू, मिट्टी और अन्य भारी सामान ढोने वाले ओवरलोड ट्रक इन छोटी और ग्रामीण सड़कों पर बेधड़क दौड़ रहे हैं।

सड़कों की खराब हालत: इन भारी वाहनों के लगातार आवागमन से किरणपुर-डोहराडीह मार्ग पहले ही जगह-जगह से जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुका है, और ऊपर से ओवरलोडिंग के कारण आए दिन ऐसे जाम व दुर्घटनाएं आम हो गई हैं।

अंततः यातायात हुआ बहाल, लोगों ने ली राहत की सांस

जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर जुटे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया:

कड़ी मशक्कत के बाद निकला ट्रक: ग्रामीणों और कुछ अन्य वाहन चालकों की मदद से ट्रक को रास्ते से हटाने के लिए जद्दोजहद शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद जब ट्रक को किनारे किया गया, तब जाकर धीरे-धीरे वाहनों का परिचालन सामान्य हुआ।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग: जाम खुलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन उनमें प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस रूट पर ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी परेशानियों से बचा जा सके।

शाहकुंड के किरणपुर-डोहराडीह रोड पर ओवरलोड ट्रक के कारण लगा एक घंटे का यह जाम सिर्फ एक आम यातायात बाधा नहीं है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि किस तरह नियमों की अनदेखी आम जनता और मासूम बच्चों के लिए परेशानी का सबब बनती है। समय रहते यदि परिवहन और पुलिस प्रशासन ने ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त शिकंजा नहीं कसा, तो इस तरह की घटनाएं और अधिक गंभीर रूप ले सकती हैं।