नदियामा गांव के पास सीएनजी ऑटो और टोटो में आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर; टोटो चालक सूरज कुमार समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल, स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश
भागलपुर/गोराडीह (विशेष संवाददाता): भागलपुर जिले के गोराडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों में लगातार लापरवाह ड्राइविंग और तेज रफ्तार सड़क हादसों का सबब बनती जा रही है। ताजा मामला गोराडीह थाना क्षेत्र के नदियामा गांव का है, जहां एक तेज रफ्तार सीएनजी ऑटो और टोटो के बीच आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में टोटो चला रहा एक युवक सूरज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया है, जबकि टोटो पर सवार तीन से चार अन्य लोग भी इस दुर्घटना में बुरी तरह चोटिल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने त्वरित राहत और बचाव कार्य करते हुए सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर ग्रामीण सड़कों पर अनियंत्रित वाहनों की रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे घटी यह दुर्घटना? नदियामा गांव की दर्दनाक घटना
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा गोराडीह थाना क्षेत्र के संवेदनशील मार्गों में शुमार नदियामा गांव के पास हुआ:
तेज रफ्तार और लापरवाही: बताया जा रहा है कि सीएनजी ऑटो काफी तेज गति में था और नियंत्रण खो बैठा, जबकि सामने से आ रहे टोटो को वह संभलने का मौका तक नहीं दे पाया। दोनों वाहनों के बीच टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टोटो के परखच्चे उड़ गए।
सड़क पर पसरा सन्नाटा और अफरातफरी: टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के खेतों और घरों से लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। दुर्घटना के बाद मुख्य मार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
टोटो चालक सूरज कुमार और अन्य यात्रियों की स्थिति गंभीर
इस दुर्घटना में सबसे अधिक चोट टोटो चालक सूरज कुमार को आई है:
सूरज कुमार की हालत: टोटो चला रहे सूरज कुमार वाहन चलाने के दौरान सीधे तौर पर प्रभाव में आए, जिससे उन्हें सिर, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
अन्य घायल यात्री: टोटो पर सवार तीन-चार अन्य ग्रामीण भी इस हादसे में घायल हुए हैं, जिन्हें मामूली से लेकर मध्यम चोटें आई हैं। गनीमत यह रही कि इस भीषण टक्कर में कोई जनहानि नहीं हुई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घायलों के परिवारों में इस घटना के बाद कोहराम मचा हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों का फूटा गुस्सा और सुरक्षा पर सवाल
घटना के तुरंत बाद नदियामा गांव के लोगों में प्रशासन और लापरवाह चालकों के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला:
अनियंत्रित वाहनों पर लगाम की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि गोराडीह और आसपास के ग्रामीण मार्गों पर आजकल सीएनजी ऑटो, टोटो और बाइक चालक बिना किसी यातायात नियमों की परवाह किए बेलगाम दौड़ते हैं। संकरी सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन आए दिन हादसों को दावत दे रहे हैं।
स्पीड ब्रेकर की आवश्यकता: ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस से मांग की है कि नदियामा गांव के पास सड़क पर तत्काल प्रभाव से स्पीड ब्रेकर (Speed Breakers) बनवाए जाएं और भारी या व्यावसायिक वाहनों की गति सीमा तय की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही गोराडीह थाना की पुलिस दल-बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंची:
स्थिति को नियंत्रण में लेना: पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों (सीएनजी ऑटो और क्षतिग्रस्त टोटो) को अपने कब्जे में ले लिया और सड़क पर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया।
मामले की पड़ताल: थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस फरार या मौके पर मौजूद ऑटो चालक के संबंध में जानकारी जुटा रही है। घायलों के परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या सीएनजी ऑटो चालक नशे में था या वाहन में ओवरलोडिंग थी।
गोराडीह थाना क्षेत्र के नदियामा गांव में हुई यह दुर्घटना एक गंभीर चेतावनी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात सुरक्षा और सड़क अनुशासन को लेकर अब कड़े कदम उठाने की जरूरत है। टोटो चालक सूरज कुमार और अन्य यात्रियों का घायल होना यह साबित करता है कि सड़कों पर लापरवाही की कीमत आम आदमी को अपनी जान और सेहत जोखिम में डालकर चुकानी पड़ रही है। यदि समय रहते पुलिस और परिवहन विभाग ने इन अनियंत्रित व्यावसायिक वाहनों पर शिकंजा नहीं कसा, तो ऐसी घटनाएं आम लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ती रहेंगी।