एलएनएमयू में राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस पर आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती मनाई गई, ‘एआई एंड केमेस्ट्री’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) के स्नातकोत्तर (पीजी) रसायन विज्ञान विभाग में राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस के अवसर पर भारतीय रसायन विज्ञान के जनक आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभाग की ओर से “एआई एंड केमेस्ट्री : पार्टनरशिप शेपिंग आवर फ्यूचर” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा रसायन विज्ञान के बदलते संबंधों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना, रसायन विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना तथा आधुनिक तकनीक और विज्ञान के समन्वय को समझने के लिए प्रेरित करना था। विभाग के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस आयोजन में उपस्थित रहे।

आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय को दी गई श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनके जीवन, वैज्ञानिक योगदान और देश में आधुनिक रसायन विज्ञान की नींव रखने में निभाई गई भूमिका को याद किया।

वक्ताओं ने कहा कि आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय केवल महान वैज्ञानिक ही नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट शिक्षक, उद्योगपति और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने भारतीय वैज्ञानिक परंपरा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस का महत्व

राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस का आयोजन विज्ञान के क्षेत्र में भारत के योगदान को याद करने और नई पीढ़ी को अनुसंधान एवं नवाचार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि रसायन विज्ञान का योगदान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, औद्योगिक विकास और दैनिक जीवन के लगभग हर क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

‘एआई एंड केमेस्ट्री’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता

इस अवसर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता का विषय था “AI and Chemistry: Partnership Shaping Our Future”। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विस्तार से बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस प्रकार रसायन विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है।

प्रतिभागियों ने कहा कि एआई की सहायता से नई दवाओं की खोज, रासायनिक यौगिकों का विश्लेषण, प्रयोगों की सटीकता, डेटा विश्लेषण और औद्योगिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

विद्यार्थियों ने रखे नवाचार से जुड़े विचार

भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों ने एआई और रसायन विज्ञान के समन्वय से होने वाले संभावित बदलावों पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने बताया कि मशीन लर्निंग, बिग डेटा और आधुनिक कंप्यूटिंग तकनीकों के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान की गति तेज हो रही है। इससे नई सामग्री (Materials), बेहतर औषधियां और पर्यावरण के अनुकूल रासायनिक प्रक्रियाओं का विकास संभव हो रहा है।

विशेषज्ञों ने एआई की उपयोगिता बताई

कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैज्ञानिक अनुसंधान का अभिन्न हिस्सा बन जाएगी।

उन्होंने कहा कि रसायन विज्ञान के छात्र यदि पारंपरिक ज्ञान के साथ डिजिटल तकनीकों और एआई की समझ विकसित करेंगे, तो उनके लिए शोध और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

अनुसंधान और नवाचार पर दिया गया जोर

वक्ताओं ने विद्यार्थियों से केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहने, बल्कि अनुसंधान और नवाचार में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसी गतिविधियों का नियमित आयोजन करना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच और शोध की भावना विकसित हो सके।

विज्ञान और तकनीक का मजबूत होता संबंध

कार्यक्रम में इस बात पर भी चर्चा हुई कि वर्तमान समय में विज्ञान और तकनीक एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं।

एआई, डेटा साइंस, कंप्यूटेशनल मॉडलिंग और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों ने रसायन विज्ञान के अध्ययन और अनुसंधान की दिशा बदल दी है। इससे प्रयोगों में समय की बचत, अधिक सटीक परिणाम और बेहतर गुणवत्ता वाले अनुसंधान संभव हो रहे हैं।

छात्रों में दिखा उत्साह

भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने अपने विचार तथ्यों, वैज्ञानिक उदाहरणों और नवीन शोध के संदर्भों के साथ प्रस्तुत किए।

निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के विषय ज्ञान, प्रस्तुतीकरण, तार्किक क्षमता और नवाचारी दृष्टिकोण के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।

उत्कृष्ट प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के अंत में भाषण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

विभागाध्यक्ष और शिक्षकों ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करते हैं।

शिक्षा में एआई की बढ़ती भूमिका

विशेषज्ञों ने कहा कि आज उच्च शिक्षा में एआई का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

स्मार्ट लर्निंग, वर्चुअल लैब, डेटा विश्लेषण, रिसर्च असिस्टेंस और व्यक्तिगत शिक्षण जैसी सुविधाएं शिक्षा को अधिक प्रभावी बना रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को नई तकनीकों के साथ स्वयं को लगातार अपडेट रखना होगा।

भविष्य की तैयारी का संदेश

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि भविष्य उन्हीं का होगा जो विज्ञान, तकनीक और नवाचार को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे।

रसायन विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समन्वय न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण, उद्योग और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एलएनएमयू के पीजी रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रसायन विज्ञान दिवस समारोह ने विद्यार्थियों को विज्ञान, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के महत्व से परिचित कराया। आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उनके वैज्ञानिक योगदान को याद किया गया, वहीं “एआई एंड केमेस्ट्री : पार्टनरशिप शेपिंग आवर फ्यूचर” विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रसायन विज्ञान का समन्वय भविष्य के वैज्ञानिक विकास की मजबूत आधारशिला बन सकता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नई सोच, नवाचार और अनुसंधान के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।