एलएनएमयू के अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकेतर कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त, छह दिन बाद सामान्य हुआ कामकाज; छात्रों और शिक्षकों को मिली बड़ी राहत
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) के अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकेतर कर्मचारियों की छह दिनों से जारी हड़ताल शनिवार को समाप्त हो गई। कर्मचारी संघ और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच हुई बातचीत के बाद समझौते पर सहमति बनी, जिसके पश्चात कर्मचारियों ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी। इससे विश्वविद्यालय के अधीन सभी अंगीभूत कॉलेजों में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य फिर से सामान्य हो गए हैं।
प्रक्षेत्रीय मंत्री विनय कुमार झा ने बताया कि कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिखित समझौता पत्र सौंप दिया गया है। इस लिखित आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। हड़ताल खत्म होने से हजारों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
छह दिनों तक प्रभावित रहा कामकाज
शिक्षकेतर कर्मचारियों की हड़ताल के कारण विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले कई कॉलेजों में नियमित कार्य प्रभावित रहे। दाखिला, प्रमाणपत्र निर्गत करने, परीक्षा से जुड़े कार्य, छात्रवृत्ति संबंधी प्रक्रियाएं, दस्तावेजों का सत्यापन तथा कार्यालयी कामकाज काफी हद तक बाधित हो गया था।
छात्रों को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए बार-बार कॉलेजों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। कई महत्वपूर्ण फाइलें भी लंबित हो गई थीं।
वार्ता के बाद बनी सहमति
हड़ताल समाप्त करने से पहले कर्मचारी संघ और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने कर्मचारियों की मांगों और प्रशासनिक आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की।
अंततः आपसी सहमति बनने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों को लिखित समझौता पत्र सौंपा, जिसमें विभिन्न मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया गया।
लिखित समझौते के बाद खत्म हुआ आंदोलन
प्रक्षेत्रीय मंत्री विनय कुमार झा ने बताया कि कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया था। प्रशासन द्वारा लिखित आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी संघ ने विश्वास जताते हुए आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि यदि समझौते के बिंदुओं पर समयबद्ध कार्रवाई होती है, तो भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
सोमवार से सभी कॉलेजों में सामान्य कामकाज
हड़ताल समाप्त होने के साथ ही विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत कॉलेजों में प्रशासनिक गतिविधियां सामान्य हो गई हैं। कार्यालय खुल गए हैं और लंबित फाइलों का निपटारा शुरू कर दिया गया है।
दाखिला, परीक्षा, पंजीकरण, माइग्रेशन, अंकपत्र वितरण, प्रमाणपत्र निर्गत करने और अन्य आवश्यक सेवाएं पहले की तरह संचालित होने लगी हैं।
छात्रों को मिली बड़ी राहत
हड़ताल समाप्त होने से सबसे अधिक राहत छात्रों को मिली है। पिछले छह दिनों से प्रमाणपत्र, दस्तावेज सत्यापन और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
अब छात्र बिना किसी बाधा के अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य पूरे करा सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने का भी भरोसा दिया है।
शिक्षकों ने भी जताई संतुष्टि
कॉलेजों के शिक्षकों ने भी हड़ताल समाप्त होने पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि नियमित प्रशासनिक सहयोग मिलने से शिक्षण कार्य और परीक्षा संबंधी गतिविधियां पहले की तरह सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने जताया आभार
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारी संघ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बातचीत के माध्यम से समाधान निकलना सभी पक्षों के हित में है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया कि समझौते में शामिल बिंदुओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और कर्मचारियों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने की तैयारी
कॉलेज प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि हड़ताल के दौरान लंबित हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
इसके लिए अतिरिक्त समय तक कार्यालय संचालन और आवश्यकतानुसार विशेष कार्य योजना भी बनाई जा सकती है ताकि छात्रों को अधिक इंतजार न करना पड़े।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक कार्य सामान्य होने से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
समय पर दस्तावेज उपलब्ध होने, परीक्षा प्रक्रिया में तेजी आने और छात्रों के कार्यों के शीघ्र निष्पादन से शिक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
भविष्य में संवाद पर रहेगा जोर
कर्मचारी संघ और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों ने भविष्य में संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने पर सहमति जताई है।
दोनों पक्षों का मानना है कि नियमित बातचीत और पारदर्शी व्यवस्था से अनावश्यक विवादों और आंदोलनों से बचा जा सकता है।
एलएनएमयू के अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकेतर कर्मचारियों की छह दिन से जारी हड़ताल समाप्त होने के साथ ही विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट आई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिखित समझौता पत्र दिए जाने के बाद कर्मचारी संघ ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। इससे हजारों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। अब सभी कॉलेजों में दाखिला, परीक्षा, प्रमाणपत्र, पंजीकरण और अन्य प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से संचालित होंगे तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।