पंडारक में बड़ी कार्रवाई, पिता-पुत्र गिरफ्तार; पुलिस ने तीन कट्टा, एक पिस्टल, 140 कारतूस और ₹56,200 नकद बरामद करने का दावा किया

पटना। पटना जिले के पंडारक थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भगवतीपुर करमौर गांव में छापेमारी कर पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान दयानंद पासवान और उनके पुत्र अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से तीन देसी कट्टा, एक पिस्टल, 140 जिंदा कारतूस और ₹56,200 नकद बरामद करने का दावा किया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि भगवतीपुर करमौर गांव में कुछ लोग अवैध हथियारों के साथ मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया और संबंधित स्थान पर छापेमारी की गई। पुलिस के पहुंचते ही इलाके में हलचल मच गई, लेकिन सुरक्षा घेरा बनाकर कार्रवाई पूरी की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दयानंद पासवान और उनके पुत्र अभिषेक कुमार को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने तीन देसी कट्टे, एक पिस्टल, 140 कारतूस और ₹56,200 नकद बरामद करने का दावा किया। बरामद हथियारों और कारतूसों को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपितों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। हालांकि जांच के हित में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार कहां से लाए गए, उनका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाना था और क्या इस मामले में किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता है।

जांच एजेंसियां बरामद हथियारों के लाइसेंस, निर्माण और स्रोत की भी जांच कर रही हैं। यदि हथियार किसी अन्य आपराधिक घटना में इस्तेमाल हुए हैं, तो संबंधित मामलों से भी उनका मिलान कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों को स्थानीय थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट और अन्य लागू कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। राज्य में अपराध पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इसी कड़ी में गुप्त सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस की छापेमारी के दौरान गांव में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल रहा। हालांकि कार्रवाई पूरी होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले में पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी और बरामदगी प्रारंभिक जांच का हिस्सा होती है। आरोपितों के खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगी। इसलिए अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।

पुलिस अब आरोपितों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या दोनों पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं या उनके खिलाफ अन्य जिलों में भी मामले दर्ज हैं। साथ ही बरामद नकदी के स्रोत की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में किसी संगठित गिरोह या हथियार तस्करी नेटवर्क से संबंध सामने आते हैं, तो मामले की जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अन्य एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है।

पंडारक थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को पुलिस अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता मान रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध हथियार रखने, उनकी खरीद-बिक्री या तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल दोनों आरोपित पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। बरामद हथियारों, कारतूसों और नकदी की जांच के साथ-साथ पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा और आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं अवैध हथियारों या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है और समाज में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।