गोराडीह में आपसी विवाद ने पकड़ा तूल पूर्व नियोजित साजिश के तहत मारपीट, निर्मला देवी के बयान पर नकुल, कार्तिक समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज; दो घायल
गोराडीह/भागलपुर : भागलपुर जिले के गोराडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ग्रामीण इलाके में आपसी रंजिश और घरेलू विवाद ने उस वक्त हिंसक रूप ले लिया जब दो पक्षों के बीच बात बढ़ने पर जमकर लाठी-डंडे चले। इस घटना में दोनों पक्षों से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पक्ष की ओर से थाने में लिखित शिकायत दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नकुल, कार्तिक, पिंकी, मिथुन और विजय समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। इस घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है, जिसे शांत करने के लिए पुलिस लगातार कैंप कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोराडीह गांव में पिछले कुछ समय से दो परिवारों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अनबन चल रही थी। सोमवार की शाम यह विवाद अचानक खुले संघर्ष में बदल गया:
पूर्वनियोजित साजिश का आरोप: पीड़िता निर्मला देवी ने पुलिस को दिए गए अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि नामजद आरोपियों ने एक राय होकर और पूरी योजना के तहत उनके घर पर धावा बोला।
गाली-गलौज और मारपीट: आरोपियों ने पहले पुरानी रंजिश को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जब इसका विरोध किया गया, तो वे हिंसक हो उठे। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने लाठी, डंडों और लोहे की रॉड से हमला बोल दिया।
दो लोग गंभीर रूप से घायल, मचा कोहराम
इस हिंसक झड़प में दोनों तरफ से अफरा-तफरी मच गई, लेकिन निर्मला देवी के पक्ष से दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए:
अस्पताल में इलाज: घायलों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जुटे, जिसके बाद उपद्रवी वहां से धमकी देते हुए फरार हो गए।
ग्रामीणों की मदद: स्थानीय लोगों की सहायता से खून से लथपथ घायलों को तुरंत गोराडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (JLNMCH), भागलपुर रेफर कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई: पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही गोराडीह थाना पुलिस हरकत में आ गई और पुलिस बल तुरंत मौके पर रवाना हुआ:
प्राथमिकी दर्ज: पीड़िता निर्मला देवी के फर्दबयान पर पुलिस ने नामजद आरोपियों—नकुल, कार्तिक, पिंकी, मिथुन और विजय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
छापेमारी जारी: थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। जल्द ही सभी नामजद आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ती आपसी कलह पर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते आपसी द्वेष और कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
पंचायती और समझाइश की अनदेखी: जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे छोटे विवादों को आपसी बातचीत या गांव के बुजुर्गों की मध्यस्थता से सुलझा लिया जाए, तो इस तरह की खूनी झड़पों से बचा जा सकता है।
पुलिस की अपील: प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत स्थानीय थाने को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कानूनी कदम उठाया जा सके।
गोराडीह गांव में आपसी विवाद के चलते हुई मारपीट और पांच लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मामूली रंजिश भी कितना बड़ा रूप ले सकती है। पुलिस इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष जांच कर रही है और घायलों का इलाज जारी है। हालांकि, इस तरह की घटनाएं सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती हैं, इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि ग्रामीण आपसी सौहार्द बनाए रखें और कानून का सम्मान करें।