मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों से एक-एक शिक्षक नामित; 19-20 अगस्त को पटना सिटी में होगा राज्य-स्तरीय विशेष प्रशिक्षण

सुल्तानगंज/भागलपुर (विशेष संवाददाता): स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिहार सरकार और शिक्षा विभाग ने एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल शुरू की है। इसी कड़ी में भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड क्षेत्र के सभी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों से एक-एक शिक्षक को 'मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम' (Mukhyamantri Vidyalaya Suraksha Karyakram) के अंतर्गत राज्य-स्तरीय विशेष प्रशिक्षण के लिए आधिकारिक तौर पर नामित किया गया है। निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार, यह प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 19 से 20 अगस्त को राजधानी पटना के पटना सिटी स्थित निर्धारित प्रशिक्षण केंद्र पर आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में किसी भी प्रकार की आपदा, दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करना है, ताकि वे अपने स्कूलों में लौटकर अन्य शिक्षकों और बच्चों को भी इसके प्रति जागरूक व प्रशिक्षित कर सकें।

क्या है 'मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम' और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार (BSDMA) और शिक्षा विभाग की यह एक संयुक्त एवं बेहद महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका मूल उद्देश्य विद्यालयों में सुरक्षा की एक मजबूत संस्कृति विकसित करना है:

आपदाओं और दुर्घटनाओं से बचाव: आए दिन स्कूलों में आग लगने, भूकंप आने, भगदड़ मचने या अन्य किसी प्राकृतिक व मानव-निर्मित आपदा की आशंका बनी रहती है। ऐसे में यदि समय रहते एहतियाती कदम न उठाए जाएं, तो भारी नुकसान हो सकता है।

'सुरक्षित शनिवार' की परिकल्पना: इस कार्यक्रम के तहत स्कूलों में हर शनिवार को बच्चों को विभिन्न आपदाओं से बचने के गुर सिखाए जाते हैं। इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए अब शिक्षकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है।

सुल्तानगंज के विद्यालयों से शिक्षकों का चयन और प्रक्रिया

सुल्तानगंज प्रखंड के विभिन्न सरकारी माध्यमिक (High Schools) और उच्च माध्यमिक विद्यालयों (Higher Secondary Schools) से शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत पूरी कर ली गई है:

जिम्मेदार शिक्षकों की तैनाती: प्रत्येक चयनित विद्यालय से एक ऐसे शिक्षक को नामित किया गया है जो प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ छात्रों के शारीरिक और मानसिक कल्याण में विशेष रुचि रखते हैं।

राज्य-स्तरीय मास्टर ट्रेनर: पटना सिटी में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय (19-20 अगस्त) आवासीय व गैर-आवासीय प्रशिक्षण शिविर में इन शिक्षकों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। ये शिक्षक वहां से लौटने के बाद अपने-अपने विद्यालयों में 'मास्टर ट्रेनर' (Master Trainer) की भूमिका निभाएंगे।

प्रशिक्षण शिविर (19-20 अगस्त): क्या सिखाया जाएगा?

पटना सिटी में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र का पाठ्यक्रम बेहद व्यापक और व्यावहारिक रखा गया है:

आपदा प्रबंधन और मॉक ड्रिल (Mock Drill): भूकंप, बाढ़ या आग जैसी आपात स्थिति में स्कूल की इमारतों से बच्चों को सुरक्षित और कम से कम समय में बाहर निकालने की तकनीक सिखाई जाएगी।

प्राथमिक उपचार (First Aid): यदि स्कूल परिसर में खेलते समय या किसी दुर्घटना के दौरान किसी छात्र को चोट लग जाती है, तो तुरंत प्राथमिक चिकित्सा कैसे दी जाए, इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मानसिक स्वास्थ्य और बाल सुरक्षा: बच्चों के खिलाफ होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या मानसिक तनाव को पहचान कर उनका समाधान करने के तरीकों पर भी मनोवैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे।

सड़क सुरक्षा और साइबर जागरूकता: विद्यालय आते-जाते समय बच्चों की सुरक्षा और आज के डिजिटल युग में साइबर खतरों से बच्चों को सुरक्षित रखने के उपाय भी इस ट्रेनिंग का अहम हिस्सा हैं।

प्रशासन और शिक्षा विभाग की मंशा

शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती:

शून्य दुर्घटना नीति (Zero Accident Policy): सरकार का लक्ष्य है कि स्कूलों में बुनियादी ढांचे को इस प्रकार विकसित किया जाए और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो कि किसी भी अप्रिय घटना की गुंजाइश ही न बचे।

प्रशिक्षण के बाद समीक्षा: पटना से प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने वाले सुल्तानगंज के इन शिक्षकों को अपने-अपने विद्यालयों में कम से कम एक कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण का लाभ विद्यालय के हर एक कोने तक पहुंच सके।

सुल्तानगंज के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का 19-20 अगस्त को पटना सिटी में होने वाला यह राज्य-स्तरीय प्रशिक्षण इस बात का प्रमाण है कि सरकार स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है। जब यहां से प्रशिक्षित होकर शिक्षक अपने विद्यालयों में लौटेंगे, तो वे न केवल स्कूलों को अधिक सुरक्षित बनाएंगे, बल्कि बच्चों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मानसिक रूप से तैयार करेंगे। यह कदम निश्चित रूप से भागलपुर जिले के शैक्षणिक परिसरों में सुरक्षा के लिहाज से एक नया मील का पत्थर साबित होगा।