बालू लदे अनियंत्रित ट्रैक्टर ने तीन युवकों को रौंदा, एक की दर्दनाक मौत

नवगछिया (भागलपुर): भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत खरीक थाना क्षेत्र में बुधवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बालू और मिट्टी ढोने वाले एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रैक्टर ने तीन युवकों को बेरहमी से रौंद दिया। इस वीभत्स दुर्घटना में एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस अवैध कारोबार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

घटना का विवरण: खुशियों के बीच मातम का सन्नाटा

मृतक की पहचान 22 वर्षीय मंचन कुमार के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता चिराग था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंचन अपने दो दोस्तों—दिलखुश कुमार और आशीष कुमार के साथ सड़क के किनारे से गुजर रहा था। तभी विपरीत दिशा से बालू और मिट्टी लदा एक ट्रैक्टर बेहद तेज गति से आया। ट्रैक्टर चालक का वाहन पर नियंत्रण नहीं रहा और उसने सीधे इन तीनों युवकों को अपनी चपेट में ले लिया।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंचन दूर जा गिरा और उसके सिर में गंभीर चोट आने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दिलखुश और आशीष भी गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर मौके से फरार हो गया।

घायलों की स्थिति: अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग

घटना के बाद आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और आनन-फानन में तीनों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने मंचन को मृत घोषित कर दिया, जबकि दिलखुश और आशीष को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों घायलों के शरीर में कई जगह फ्रैक्चर हैं। सौभाग्य से, अब उनकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन वे अभी भी सदमे (Trauma) की स्थिति में हैं।

पुलिस की कार्रवाई: ट्रैक्टर जब्त, तलाश जारी

सूचना मिलते ही खरीक थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। थानाध्यक्ष ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, "ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है और उसके कागजातों के आधार पर मालिक की पहचान की जा रही है। फरार चालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इन ट्रैक्टरों ने किसी की जान ली है।

अवैध बालू-मिट्टी कारोबार पर सवाल

खरीक क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू और मिट्टी उत्खनन का कारोबार फल-फूल रहा है। बिना परमिट और बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर दिन-रात सड़कों पर दौड़ते हैं।

तेज रफ्तार: कमाई के चक्कर में चालक ट्रैक्टर को हवा की गति से दौड़ाते हैं, जिससे राहगीरों के लिए खतरा बढ़ जाता है।

प्रशासनिक उदासीनता: स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के कारण ही ये अवैध वाहन बेखौफ सड़कों पर चलते हैं। यदि समय रहते इन पर अंकुश लगाया गया होता, तो आज मंचन जिंदा होता।

ग्रामीणों का आक्रोश और सुरक्षा की मांग

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने खरीक मुख्य मार्ग को घंटों जाम रखा। उन्होंने मांग की कि:

मुआवजा: मृतक के परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा मिले।

सख्त कार्रवाई: अवैध बालू-मिट्टी ढुलाई में लगे सभी ट्रैक्टरों की जांच हो और बिना वैध कागजात वाले वाहनों को सीज किया जाए।

स्पीड लिमिट: रिहायशी इलाकों और मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों की गति सीमित करने के लिए पुलिस पिकेट तैनात की जाए।

 प्रशासन को जागने की जरूरत

मंचन कुमार की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। नवगछिया जैसे विकसित होते क्षेत्र में, जहां सड़कों पर वाहनों का दबाव अधिक है, वहां अवैध और अनियंत्रित वाहनों का चलना किसी बड़े खतरे को दावत देने जैसा है।

अवैध खनन माफियाओं के आगे क्या प्रशासन इसी तरह बेबस बना रहेगा? यह सवाल अब क्षेत्र के हर नागरिक के मन में है। खरीक पुलिस के लिए अब चुनौती केवल चालक को पकड़ना नहीं, बल्कि उस पूरे सिंडिकेट को खत्म करना है जो इन अवैध ट्रैक्टरों के माध्यम से लोगों की जान के साथ खेल रहा है। उम्मीद है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएगी।