शिक्षा प्रमंडल में शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी पत्रिका 'नव-यत्न' के प्रकाशन की तैयारियां तेज भागलपुर और बांका से 15 सदस्यीय संपादक मंडल और 56 नोडल शिक्षक किए गए नामित; सरकारी स्कूलों के नवाचार और बच्चों की सफलताओं को मिलेगा नया मंच
भागलपुर/बांका (विशेष संवाददाता): बिहार के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल, गुणात्मक सुधार, और बच्चों की प्रतिभा को एक व्यापक फलक देने के लिए शिक्षा विभाग ने अपनी कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में भागलपुर और बांका जिले के अंतर्गत आने वाले सरकारी विद्यालयों में हो रहे नए प्रयोगों, नवाचारों (Innovations) और खेलकूद के क्षेत्र में विद्यार्थियों की शानदार सफलताओं को उजागर करने वाली प्रमंडल स्तरीय पत्रिका 'नव-यत्न' के प्रकाशन को लेकर प्रशासनिक और विभागीय तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो चुकी हैं। इस योजना को धरातल पर पूरी पारदर्शिता और भव्यता के साथ उतारने के लिए भागलपुर के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDDE) सुभाष कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आलेख संग्रहण से लेकर संपादन और प्रकाशन तक की रूपरेखा पर विस्तार से मंथन किया गया। विभाग की इस अनूठी पहल से न केवल शिक्षकों और छात्रों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि सरकारी स्कूलों की छिपी हुई सफलता की गाथाएं भी अब सार्वजनिक मंच पर प्रलेखित हो सकेंगी।
क्या है 'नव-यत्न' पत्रिका का मुख्य उद्देश्य?
बिहार के शिक्षा विभाग द्वारा लाई गई प्रमंडल स्तरीय पत्रिका 'नव-यत्न' का मुख्य ध्येय सरकारी विद्यालयों की कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव लाना और बेहतरीन कार्य करने वाले शिक्षकों व मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करना है:
नवाचारों को प्रोत्साहन: इस पत्रिका में मुख्य रूप से सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों द्वारा अपनाए गए उन सफल और अभिनव शिक्षण प्रयोगों को जगह दी जाएगी, जो अन्य विद्यालयों के लिए एक 'प्रेरक मॉडल' (Inspirational Model) बन सकें।
सह-शैक्षणिक और खेलकूद उपलब्धियां: केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि खेलकूद, कला, विज्ञान प्रदर्शनी और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों को पत्रिका के पृष्ठों पर विशेष स्थान दिया जाएगा।
सकारात्मक संदेश: समाज में सरकारी विद्यालयों की छवि को और अधिक सशक्त बनाने तथा शिक्षकों के भीतर छिपी रचनात्मकता को बाहर लाने के लिए यह पत्रिका एक मील का पत्थर साबित होगी।
15 सदस्यीय संपादक मंडल और 56 नोडल शिक्षकों की तैनाती
पत्रिका के प्रकाशन कार्य को सुचारू और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए भागलपुर और बांका दोनों जिलों से प्रशासनिक स्तर पर विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
15 सदस्यीय जिला स्तरीय संपादक मंडल: योजना को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए भागलपुर और बांका जिलों को मिलाकर कुल 15 सदस्यों का एक मजबूत जिला स्तरीय संपादक मंडल गठित किया गया है। यह मंडल प्राप्त होने वाले आलेखों की गुणवत्ता, मौलिकता और प्रामाणिकता की जांच करेगा।
56 प्रखंड स्तरीय नोडल शिक्षक: जमीनी स्तर पर स्कूलों से बेहतरीन आलेख, सफलता की कहानियां और तस्वीरें एकत्र करने के लिए 56 प्रखंड स्तरीय नोडल शिक्षकों को तैनात किया गया है। ये नोडल शिक्षक अपने-अपने आवंटित प्रखंडों के विद्यालयों से समन्वय स्थापित कर श्रेष्ठ सामग्री संपादक मंडल तक पहुंचाएंगे।
आलेख संग्रहण की प्रक्रिया: संपादक मंडल के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों के नोडल शिक्षकों के सहयोग से विद्यालयों से प्राप्त होने वाले मौलिक आलेखों को संकलित करने के कार्य में जुट चुके हैं।
वित्तीय समन्वयक की नियुक्ति और कोर कमेटी का सम्मान
समीक्षा बैठक के दौरान पत्रिका के वित्तीय प्रबंधन और कार्यों की पारदर्शिता पर भी विशेष जोर दिया गया:
वित्तीय समन्वयक मनोनीत: गोराडीह प्रखंड के अंतर्गत आने वाले मध्य विद्यालय अगरपुर के प्रधानाध्यापक मुकेश आनन्द को सर्वसम्मति से इस पत्रिका के प्रकाशन और वित्तीय गतिविधियों के लिए 'वित्तीय समन्वयक' (Financial Coordinator) के रूप में नामित किया गया है।
कोर कमेटी का होगा सम्मान: बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पत्रिका के प्रथम अंक के सफल संपादन और प्रकाशन में जुटी कोर कमेटी के सभी सदस्यों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए आधिकारिक रूप से 'प्रशस्ति पत्र' देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि टीम का उत्साह बना रहे।
नियमित ऑनलाइन समीक्षा और अधिकारियों के निर्देश
क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDDE) सुभाष कुमार गुप्ता ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रगति का आकलन करने के लिए सभी संबंधित संपादकों और नोडल शिक्षकों को नियमित रूप से आयोजित होने वाली ऑनलाइन बैठकों में अनिवार्य रूप से जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि विभाग का यह प्रयास तभी सफल होगा जब हर एक स्तर पर पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ कार्य किया जाए।
भागलपुर और बांका जिलों में शिक्षा विभाग की पत्रिका 'नव-यत्न' के प्रकाशन को लेकर तेज हुई इन तैयारियों ने शिक्षकों और छात्र-वर्ग में एक नया जोश भर दिया है। यह पत्रिका महज कागज के कुछ पन्ने नहीं होगी, बल्कि यह सुदूर ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में पलने वाले सपनों, शिक्षकों के समर्पण और बच्चों की उम्मीदों की एक ऐसी जीवंत दस्तावेज बनेगी, जो आने वाले समय में पूरे शिक्षा जगत को प्रेरित करेगी।