बिहार के कई जिलों में बारिश का अनुमान, गोपालगंज में भारी बारिश की चेतावनी; पूर्णिया में येलो अलर्ट

पटना। बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच मंगलवार, 25 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर बिहार और सीमांचल के कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। गोपालगंज में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्णिया में मौसम को लेकर दो दिनों का येलो अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 25 अगस्त के बुलेटिन में बिहार के लिए 25 से 27 अगस्त तक भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना बताई गई है।

उत्तर बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को बिहार के कई जिलों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं। खासकर उत्तर बिहार के जिलों में बारिश की संभावना अधिक बनी हुई है। गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी और आसपास के इलाकों में स्थानीय स्तर पर बादल बनने और बारिश होने की संभावना है।

गोपालगंज को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत बताई जा रही है। हाल के दिनों में जिले के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है और मौसम विभाग के पूर्वानुमान में आगे भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलजमाव बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा होने के साथ-साथ सड़क संपर्क भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।

मौसम विभाग की ओर से लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। किसानों को भी खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।

पूर्णिया में दो दिनों तक येलो अलर्ट

सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया जिले में भी मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। जिले में दो दिनों के लिए येलो अलर्ट की स्थिति बताई गई है। पूर्णिया और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की संभावना मौसम को प्रभावित कर सकती है।

पूर्णिया में मानसून के दौरान सामान्य तौर पर बारिश की गतिविधियां अधिक रहती हैं। जिले के ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में बारिश का सीधा असर खेती पर पड़ता है। हालांकि लगातार तेज बारिश होने पर जलजमाव और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी समस्या भी सामने आ सकती है।

पूर्णिया के अलावा अररिया, किशनगंज और कटिहार जैसे सीमांचल के जिलों में भी मौसम के बदलाव पर नजर रखने की जरूरत है। इन क्षेत्रों में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और मानसूनी सिस्टम के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

बिहार में बारिश की कमी भी बनी चुनौती

इस मानसून सीजन में बिहार के सामने एक बड़ी चुनौती बारिश की कमी रही है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक 23 अगस्त तक राज्य में सामान्य से करीब 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। सामान्य रूप से इस अवधि तक जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उसकी तुलना में राज्य में बारिश काफी कम रही। 

उत्तर बिहार के कई जिलों में बारिश की कमी विशेष रूप से चिंता का विषय रही है। गोपालगंज में भी सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश किसानों और जलस्रोतों के लिए राहत लेकर आ सकती है।

हालांकि बारिश की कमी को पूरा करने के लिए केवल एक-दो दिन की तेज बारिश पर्याप्त नहीं होती। इसके लिए मानसून के शेष दिनों में लगातार और व्यापक बारिश की आवश्यकता होगी। दूसरी ओर, कम समय में बहुत ज्यादा बारिश होने पर बाढ़, जलजमाव और फसल नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है।

गंगा और दूसरी नदियों के जलस्तर पर भी नजर

बिहार में बारिश के साथ नदियों के जलस्तर को लेकर भी चिंता बनी हुई है। हाल के दिनों में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की खबरें सामने आई हैं। पटना समेत कई इलाकों में नदी के बढ़ते पानी का असर घाटों और निचले इलाकों में दिखाई दिया है। 

उत्तर बिहार में गंडक, बूढ़ी गंडक, कोसी, बागमती और कमला जैसी नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन लगातार नजर रखता है। यदि ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश होती है और उसका पानी बिहार की नदियों में पहुंचता है तो नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

गोपालगंज जैसे जिलों में भारी बारिश होने पर स्थानीय नदियों और जलधाराओं के जलस्तर में तेजी से बदलाव संभव है। ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए मौसम पूर्वानुमान के साथ नदी के जलस्तर की निगरानी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

पटना समेत दक्षिण बिहार में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी पटना और दक्षिण बिहार के कई जिलों में भी मंगलवार को बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि उत्तर बिहार की तुलना में बारिश की तीव्रता अलग-अलग स्थानों पर कम या अधिक हो सकती है।

पटना में बादल छाए रहने से उमस में कुछ राहत मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर बारिश होने से तापमान में भी मामूली गिरावट की संभावना रहती है। हालांकि बारिश के बाद दोबारा धूप निकलने पर उमस बढ़ सकती है।

गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, अरवल, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद और कैमूर जैसे जिलों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इन जिलों में स्थानीय बादल बनने पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

27 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के 25 अगस्त के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में 25, 26 और 27 अगस्त को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद भी 28 अगस्त से 31 अगस्त तक गरज-चमक और तेज हवा जैसी मौसमी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। 

इसका मतलब यह है कि बिहार में अगले कई दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना कम है। अलग-अलग जिलों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर बारिश की तीव्रता बदल सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादल कम समय में तेज बारिश करा सकते हैं। इसलिए किसी जिले में सुबह मौसम सामान्य रहने के बावजूद दोपहर या शाम को अचानक तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है।

किसानों के लिए बारिश राहत भी और चुनौती भी

बिहार की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में मानसून की महत्वपूर्ण भूमिका है। धान समेत कई खरीफ फसलों के लिए बारिश आवश्यक है। जिन इलाकों में बारिश कम हुई है, वहां आगामी बारिश से खेतों में नमी बढ़ने और फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

लेकिन भारी बारिश की स्थिति में खेतों में पानी लंबे समय तक जमा रहने से फसल को नुकसान भी हो सकता है। विशेष रूप से धान के छोटे पौधों, सब्जियों और अन्य फसलों पर अत्यधिक जलभराव का प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

किसानों को मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के आधार पर खेतों में जरूरी काम करने की सलाह दी जाती है। तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना के दौरान खेतों या खुले स्थानों में रहने से बचना अधिक सुरक्षित है।

बिजली गिरने और तेज हवा से सावधानी जरूरी

बारिश के साथ बिहार में आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहता है। मौसम विभाग ने राज्य के लिए बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की गतिविधियों को लेकर चेतावनी दी है।

ऐसे मौसम में लोगों को पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। खुले मैदान, खेत, तालाब और नदी किनारे भी गरज-चमक के दौरान नहीं जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बाहर है और अचानक बिजली चमकने या तेज गर्जना शुरू हो जाती है तो उसे जल्द से जल्द किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेनी चाहिए।

ग्रामीण इलाकों में मोबाइल टावर, बिजली के खंभे और ऊंचे पेड़ों के आसपास खड़ा होना भी जोखिमपूर्ण हो सकता है।

जलजमाव से शहरों में बढ़ सकती है परेशानी

तेज बारिश होने पर बिहार के शहरों में जलजमाव की समस्या एक बार फिर सामने आ सकती है। पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, भागलपुर और अन्य शहरों के निचले इलाकों में भारी बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो सकता है।

नालियों की सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों पर रहती है। लगातार बारिश की स्थिति में जलनिकासी व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

लोगों को सलाह दी जाती है कि जलजमाव वाले रास्तों से गुजरते समय सावधानी बरतें और जहां संभव हो, वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।

प्रशासन को भी अलर्ट रहने की जरूरत

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। खासकर नदी किनारे बसे गांवों, निचले इलाकों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण है।

भारी बारिश की स्थिति में सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन टीमों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

मौसम का असर जनजीवन पर

बारिश से जहां किसानों और आम लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलती है, वहीं लगातार बारिश से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो सकती है। स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय जाने वाले लोगों और यात्रियों को बारिश के कारण अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों पर कीचड़ बढ़ने से आवागमन मुश्किल हो सकता है। वहीं शहरी क्षेत्रों में जलजमाव के कारण यातायात की रफ्तार धीमी हो सकती है।

अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहें

बिहार में 25 अगस्त से मौसम में सक्रियता बनी रहने का अनुमान है। गोपालगंज में भारी बारिश की संभावना और पूर्णिया में येलो अलर्ट को देखते हुए इन क्षेत्रों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। राज्य के अन्य जिलों में भी गरज-चमक, तेज हवा और बारिश की स्थानीय घटनाएं हो सकती हैं।

मौसम विभाग के अनुसार बिहार में 25 से 27 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है और इसके बाद भी 31 अगस्त तक गरज-चमक तथा तेज हवा जैसी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

कुल मिलाकर मंगलवार, 25 अगस्त को बिहार में मानसून सक्रिय रहने वाला है। उत्तर बिहार और सीमांचल में बारिश की गतिविधियां अधिक प्रभावी रह सकती हैं, जबकि दक्षिण और मध्य बिहार में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और भारी बारिश की स्थिति में जलजमाव वाले क्षेत्रों से बचने की सलाह दी जाती है।