30 अगस्त तक दक्षिण बिहार में छाए रहेंगे घने बादल, बारिश की संभावना गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने के आसार, मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.1 और न्यूनतम 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज

भागलपुर : दक्षिण बिहार के जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। कृषि मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 26 से 30 अगस्त के बीच दक्षिण बिहार के आसमान में घने बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मंगलवार को जिले में अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी की मात्रा भी अधिक रही। सुबह 8:30 बजे और शाम 5:30 बजे सापेक्ष आर्द्रता 84 प्रतिशत दर्ज की गई। पूर्वी दिशा से करीब चार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली, जबकि जिले में 14.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

बादलों और धूप के बीच बदलता रहेगा मौसम

पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण बिहार के जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है। दिन के अलग-अलग समय में घने बादल छाने, तेज हवा चलने और स्थानीय स्तर पर बारिश की स्थिति बन सकती है। बारिश होने पर लोगों को उमस से कुछ राहत मिलने की संभावना है, हालांकि अधिक आर्द्रता के कारण कुछ स्थानों पर गर्मी और चिपचिपाहट का एहसास भी बना रह सकता है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। मौसम की इस स्थिति को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और बदलते मौसम के अनुसार अपने दैनिक कार्यों की योजना बनाने की अपील की गई है।

गरज-चमक और तेज हवा के दौरान बरतें सावधानी

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी जरूरी है। तेज बिजली चमकने की स्थिति में लोगों को खुले मैदान, नदी किनारे और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।

बिजली चमकने या तेज आंधी की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाना बेहतर होगा। बिजली के खंभों, टूटे तारों और जर्जर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

किसानों के लिए बारिश महत्वपूर्ण

हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों के लिए मौसम की जानकारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खरीफ फसलों, विशेषकर धान की फसल को नमी की आवश्यकता होती है, लेकिन लगातार तेज बारिश होने की स्थिति में खेतों में जलजमाव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें और बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना तैयार करें। दवा का छिड़काव, कटाई या अन्य कृषि कार्य मौसम की अनुकूल स्थिति देखकर करने पर जोर दिया जा रहा है।

लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह

मौसम के बदलते रुख के कारण सुबह और शाम के तापमान में भी अंतर महसूस किया जा सकता है। बादल छाने और बारिश होने पर अधिकतम तापमान में कुछ कमी आ सकती है, जबकि नमी बढ़ने से उमस बनी रह सकती है।