गोराडीह में 'हर घर तिरंगा' अभियान की गूंज मध्य विद्यालय कासिमपुर से पंचायत सरकार भवन तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा; छात्रों, शिक्षकों और ग्रामीणों के कदमताल से गजा पूरा इलाका
गोराडीह/भागलपुर (विशेष संवाददाता): देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक और गौरवशाली राष्ट्रीय पर्व की पूर्व संध्या पर भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति का एक अत्यंत ही मनमोहक और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। गोराडीह के ऐतिहासिक मध्य विद्यालय कासिमपुर से लेकर पंचायत सरकार भवन तक एक विशाल, भव्य और अनुशासित 'तिरंगा यात्रा' निकाली गई। इस पदयात्रा में विद्यालय के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं, ऊर्जावान युवाओं, शिक्षकों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आसपास के सैकड़ों ग्रामीण नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हाथों में देश का राष्ट्रीय ध्वज थामे जब यह कारवां आगे बढ़ा, तो पूरा वातावरण 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा। इस यात्रा ने ग्रामीण अंचलों में देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता का एक मजबूत संदेश दिया।
मध्य विद्यालय कासिमपुर से आरंभ हुआ यात्रा का कारवां और उत्साह का माहौल
बुधवार की सुबह से ही मध्य विद्यालय कासिमपुर के प्रांगण और आसपास के इलाकों में स्वतंत्रता दिवस को लेकर एक अलग ही उत्सव जैसा माहौल बना हुआ था:
तिरंगे के साथ बच्चों की टोली: सुबह निर्धारित समय पर मध्य विद्यालय कासिमपुर के प्रांगण में विभिन्न कक्षाओं के छात्र-छात्राएं कतारबद्ध होकर खड़े हुए। बच्चों के हाथों में छोटे-छोटे तिरंगे झंडे थे और उनके चेहरों पर देश के प्रति अटूट प्रेम और गर्व की चमक साफ झलक रही थी।
शिक्षकों और गणमान्य लोगों की अगुवाई: विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकों और पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने झंडा दिखाकर और भारत माता के जयकारे के साथ इस तिरंगा यात्रा की औपचारिक शुरुआत की। शिक्षक सबसे आगे चलकर बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे थे, जिससे बच्चों में अनुशासन और जोश दोनों का अभूतपूर्व समन्वय देखने को मिला।
ग्रामीण सड़कों पर गूंजे देशभक्ति के तराने, पंचायत सरकार भवन तक पहुँचा कारवां
मध्य विद्यालय कासिमपुर से शुरू हुई यह तिरंगा यात्रा अपने तयशुदा मार्गों से गुजरते हुए ग्रामीण अंचलों को पार करती हुई पंचायत सरकार भवन तक पहुँची:
रूट का नजारा और ग्रामीणों का स्वागत: यात्रा के दौरान जब यह कारवां स्थानीय बाजारों और रिहायशी टोलों से गुजरा, तो सड़कों के दोनों किनारों पर खड़े ग्रामीण नागरिकों, माताओं और बुजुर्गों ने तालियां बजाकर और पुष्प वर्षा कर इस यात्रा का जोरदार स्वागत किया। कई घरों की छतों से महिलाओं ने तिरंगे को नमन किया।
बच्चों द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति: पूरी पदयात्रा के दौरान बच्चे पूरे रास्ते उत्साह के साथ 'ऐ मेरे वतन के लोगों...', 'कदम-कदम बढ़ाए जा...' और अन्य पारंपरिक देशभक्ति गीत गाते हुए चल रहे थे। बच्चों का यह संगीत और जोश देखकर राहगीर भी मंत्रमुग्ध हो गए।
पंचायत सरकार भवन पर समापन और संकल्प सभा
मध्य विद्यालय कासिमपुर से चलकर यह भव्य तिरंगा यात्रा जब पंचायत सरकार भवन के प्रांगण में पहुँची, तो वहाँ एक संक्षिप्त और गरिमामयी सभा का आयोजन किया गया:
शहीदों को श्रद्धांजलि: पंचायत सरकार भवन परिसर में पहुँचने के बाद सभी उपस्थित लोगों ने देश के उन तमाम अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके संघर्षों के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
वक्ताओं के विचार: सभा को संबोधित करते हुए स्थानीय शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि ये नई पीढ़ी के दिलों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्य और समर्पण की भावना को जागृत करने का सबसे बड़ा माध्यम हैं। वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर तिरंगा' अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी से अपील की कि वे आगामी 15 अगस्त को अपने-अपने घरों पर ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज अवश्य फहराएं।
एकता, अनुशासन और भाईचारे का संदेश
इस तिरंगा यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसने समाज के विभिन्न वर्गों को एक ही सूत्र में पिरो दिया:
जाति और वर्ग से परे राष्ट्रप्रेम: इस यात्रा में जाति, धर्म और उम्र के बंधनों से ऊपर उठकर हर व्यक्ति ने शिरकत की। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सब एक ही रंग—यानी तिरंगे के रंग में रंगे नजर आए।
आपसी सौहार्द की मिसाल: गोराडीह जैसे ग्रामीण परिवेश में इस प्रकार का आयोजन आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को और अधिक प्रगाढ़ करने का कार्य करता है।
गोराडीह के मध्य विद्यालय कासिमपुर से पंचायत सरकार भवन तक निकाली गई यह भव्य तिरंगा यात्रा इस बात का जीवंत प्रमाण है कि देश के छोटे-छोटे गांवों और स्कूलों में राष्ट्रभक्ति की भावना कितनी प्रगाढ़ रूप से विद्यमान है। इस आयोजन ने गोराडीह क्षेत्र के हर नागरिक के दिल में स्वतंत्रता दिवस के जश्न को और अधिक गौरवशाली, यादगार और ऐतिहासिक बना दिया है।