वेतन भुगतान और मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर सड़क पर उतरे सफाई कर्मी, भाजपा कार्यालय में लगाई गुहार

पीरपैंती (भागलपुर): नगर पंचायत पीरपैंती में सफाई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने वाले सफाई कर्मी इन दिनों खुद बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं। अपनी मांगों और लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान की गुहार लेकर दर्जनों की संख्या में सफाई कर्मी आज स्थानीय विधायक मुरारी मोहन मंडल (मुरारी पासवान) के भाजपा कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कर्मियों ने न केवल अपने बकाए वेतन को लेकर चिंता जताई, बल्कि काम के बोझ के अनुरूप मानदेय बढ़ाने की पुरजोर मांग भी रखी।

क्या है सफाई कर्मियों का दर्द?

नगर पंचायत में कार्यरत सफाई कर्मियों का कहना है कि वे शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन उन्हें इसका जो मेहनताना मिलना चाहिए, वह समय पर नहीं मिलता। कर्मियों ने बताया कि उन्हें पिछले एक महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके सामने घर चलाने का संकट उत्पन्न हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, राशन और अन्य जरूरी खर्चों के लिए उन्हें दूसरों के आगे हाथ फैलाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

सफाई कर्मियों के प्रतिनिधि ने बताया, "हम शहर को साफ रखते हैं, ताकि महामारी न फैले और लोग स्वस्थ रहें। लेकिन क्या हमारा परिवार भूखा रहकर यह काम कर सकता है? पिछले एक महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण हमारे घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है।"

वेतन बढ़ाने की मांग

केवल बकाया वेतन ही नहीं, बल्कि सफाई कर्मियों ने अपनी वर्तमान आय (मानदेय) में वृद्धि की भी मांग की है। उनका तर्क है कि महंगाई के इस दौर में वर्तमान वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना असंभव है। उन्होंने विधायक से आग्रह किया कि उनकी मेहनत को देखते हुए उनके मानदेय को बढ़ाया जाए ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।

विधायक कार्यालय पहुंचे कर्मियों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे सफाई कार्य ठप करने के लिए विवश होंगे।

विधायक मुरारी पासवान का आश्वासन

सफाई कर्मियों की व्यथा सुनने के बाद स्थानीय विधायक मुरारी मोहन मंडल ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया। विधायक ने मौके पर ही नगर पंचायत के संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात की और वेतन भुगतान में हो रही देरी का कारण पूछा।

विधायक ने सफाई कर्मियों को भरोसा दिलाते हुए कहा, "सफाई कर्मी हमारे शहर की रीढ़ हैं। उनका वेतन न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी से बात की है और जल्द से जल्द पिछले एक महीने का बकाया वेतन रिलीज करने का निर्देश दिया है। रही बात मानदेय वृद्धि की, तो इसे लेकर हम उच्चाधिकारियों से बात करेंगे और उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।"

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी सफाई कर्मी का शोषण नहीं होने दिया जाएगा और उनकी मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाएगा।

राजनीतिक और प्रशासनिक पेंच

नगर पंचायत क्षेत्र में अक्सर वित्तीय अनियमिताओं और फंड के अभाव का बहाना बनाकर भुगतान में देरी की जाती है। सफाई कर्मियों का यह विरोध प्रदर्शन नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब त्योहारों और जरूरी कार्यों के समय सफाई कर्मियों को वेतन के लिए दर-दर भटकना पड़े, तो यह प्रशासनिक विफलता है।

इस घटनाक्रम ने पीरपैंती नगर पंचायत की व्यवस्था को एक बार फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है। सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में उनके खाते में बकाया वेतन नहीं आता है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिसका खामियाजा पूरे नगर पंचायत क्षेत्र को भुगतना पड़ सकता है।

शहर की गंदगी को साफ करने वाले सफाई कर्मियों की आंखों में आज खुद के भविष्य को लेकर मायूसी है। विधायक कार्यालय में उनके द्वारा लगाई गई गुहार यह दर्शाती है कि कहीं न कहीं तंत्र में बड़ी खामी है। फिलहाल, सफाई कर्मियों को विधायक के आश्वासन पर भरोसा है, लेकिन वे अब ठोस परिणाम देखना चाहते हैं।

पीरपैंती के नागरिक भी अब सफाई कर्मियों के समर्थन में खड़े दिख रहे हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि अगर सफाई कर्मी काम से हट गए, तो शहर में बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा। अब गेंद नगर पंचायत प्रशासन के पाले में है कि वह कितनी जल्दी इस समस्या का समाधान करता है।