वार्ड संख्या पांच में मुख्य सड़क पर कमर तक पानी, घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुख्य मार्ग डूबने से लोगों को नाव और वैकल्पिक साधनों का सहारा
भागलपुर : बाढ़ और लगातार बढ़ते जलस्तर का असर अब आबादी वाले इलाकों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। वार्ड संख्या पांच में मुख्य सड़क पर कई स्थानों पर कमर तक पानी बह रहा है। सड़क के जलमग्न होने से सामान्य आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई घरों के आसपास और अंदर तक पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय निवासी सुरक्षित स्थानों की तलाश करने के साथ-साथ घरों में मौजूद जरूरी सामान को बचाने में जुटे हुए हैं।
मुख्य सड़क पर कमर तक पानी होने से पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। तेज बहाव वाले हिस्सों में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नाव या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
घरों तक पहुंचा पानी, सामान बचाने में जुटे लोग
बाढ़ का पानी लगातार फैलने से वार्ड के कई घर प्रभावित हो रहे हैं। निचले इलाकों में पानी पहले सड़कों पर पहुंचा और अब धीरे-धीरे घरों तक फैल गया है। कुछ परिवारों ने घरों में रखे अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और अन्य सामान को ऊंचे स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है।
लोगों का कहना है कि यदि पानी का स्तर और बढ़ा तो उन्हें घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है। कई परिवार पहले ही अपने बच्चों और बुजुर्गों को रिश्तेदारों या सुरक्षित जगहों पर भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
मुख्य सड़क डूबने से आवागमन ठप
वार्ड संख्या पांच की मुख्य सड़क इलाके के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है। सड़क पर पानी भर जाने से बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों को दैनिक जरूरत की चीजें खरीदने के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। दवा और चिकित्सा सुविधा की जरूरत वाले लोगों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से सुरक्षित आवागमन के लिए नाव और अन्य आवश्यक व्यवस्था जल्द की जानी चाहिए।
बिजली और स्वच्छ पेयजल की भी चिंता
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति और सुरक्षित पेयजल को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में बिजली के तार और उपकरणों से खतरा हो सकता है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वहीं, बाढ़ के पानी से हैंडपंप और अन्य जलस्रोत प्रभावित होने के कारण पीने के साफ पानी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना जरूरी हो गया है।
प्रशासन से राहत की उम्मीद
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की है। लोगों ने बताया कि मुख्य सड़क पर कमर तक पानी होने के कारण वे घरों में फंसकर रह गए हैं। जरूरतमंद लोगों तक खाद्य सामग्री, दवा और पीने का पानी पहुंचाने की आवश्यकता है।
प्रशासनिक स्तर पर स्थिति की निगरानी किए जाने की बात कही जा रही है। जलस्तर और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार राहत और बचाव की व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर नावों के माध्यम से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।
बढ़ते पानी ने बढ़ाई चिंता
लगातार पानी बढ़ने से लोगों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग मुख्य रूप से इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सुरक्षा को लेकर परिवार विशेष रूप से परेशान हैं।