रामपुरडीह जलमीनार से 15 दिनों से ठप है पानी की आपूर्ति, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद को तरसे ग्रामीण
शाहकुंड (भागलपुर): भागलपुर जिले के शाहकुंड प्रखंड स्थित रामपुरडीह गांव में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। पिछले 15 दिनों से रामपुरडीह जलमीनार से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे स्थानीय ग्रामीण भीषण गर्मी और उमस के बीच बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है।
29 जून से जारी है जल संकट
मिली जानकारी के अनुसार, जलमीनार से पानी की आपूर्ति बीते 29 जून को बंद हुई थी। शुरुआती दौर में ग्रामीणों को लगा कि यह कोई तकनीकी खराबी होगी जो एक-दो दिनों में ठीक हो जाएगी, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। जलमीनार के बंद रहने के कारण गांव के सैकड़ों घरों में नलों से पानी आना बंद हो गया है, जिससे दैनिक कार्यों के लिए भी लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का दर्द: 'पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं'
ग्रामीणों का कहना है कि जलमीनार ही उनके क्षेत्र में शुद्ध पेयजल का एकमात्र मुख्य स्रोत था। इसके बंद होने के बाद अब लोग दूषित जल या दूर-दराज के निजी चापाकलों पर निर्भर होने को मजबूर हैं।
महिलाओं की मुसीबत: पानी लाने के लिए महिलाओं और बच्चों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। गर्मी का मौसम होने के कारण पानी की खपत अधिक है, जिससे परेशानी और भी बढ़ गई है।
पशुपालकों का संकट: गांव में बड़ी संख्या में पशुपालक भी हैं, जिन्हें अपने मवेशियों को पिलाने के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है।
प्रशासनिक उदासीनता और बैठक में उठा मुद्दा
इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। हाल ही में प्रखंड मुख्यालय स्थित जनप्रतिनिधि भवन में आयोजित बीस सूत्री की बैठक में भी जलमीनार की पानी आपूर्ति की समस्या पर चर्चा की गई थी। बैठक की अध्यक्षता बीस सूत्री अध्यक्ष विनय कुमार ने की थी। हालांकि, बैठक में चर्चा के बावजूद अब तक धरातल पर कोई सुधार नहीं दिखा है।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि प्रशासन को समस्या की जानकारी है, तो इसे ठीक करने में 15 दिनों का लंबा समय क्यों लग रहा है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
क्या है प्रशासनिक जिम्मेदारी?
'हर घर नल का जल' योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। रामपुरडीह में जलमीनार का 15 दिनों से बंद रहना इस योजना की विफलता को दर्शाता है। विभाग की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि खराबी किस तकनीकी कारण से है या इसे कब तक सुधारा जाएगा।
ग्रामीणों की चेतावनी: नहीं सुधरे हालात तो करेंगे आंदोलन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलमीनार की मरम्मत कर पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो वे प्रखंड कार्यालय का घेराव करने पर मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों ने कहा कि वे गर्मी के इस मौसम में अब और अधिक दिनों तक पानी की कमी को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
समय पर समाधान की दरकार
रामपुरडीह में जलमीनार का बंद होना न केवल बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, बल्कि यह प्रशासन के प्रति जनता के भरोसे को भी कम करता है। पेयजल जैसे आवश्यक संसाधन के लिए 15 दिनों तक ग्रामीणों का परेशान होना एक गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना यह है कि प्रशासन और संबंधित विभाग कब इस पर संज्ञान लेता है और ग्रामीणों को इस जल संकट से राहत दिलाता है।