मुजफ्फरपुर में इंसानियत और रिश्तों को तार-तार करने वाली शर्मनाक घटना कलयुगी पिता ने डेढ़ साल तक अपनी ही नाबालिग/युवती बेटी को बनाया हवस का शिकार; विरोध करने पर करता था मारपीट और जान से मारने की धमकी, मां की मौत के बाद से दे रहा था खौफनाक प्रताड़ना—पीड़ित बेटी ने थाने पहुंचकर पुलिस को सुनाई आपबीती
मुजफ्फरपुर (बिहार): समाज और रिश्तों को कलंकित कर देने वाली एक बेहद वीभत्स और सनसनीखेज घटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से सामने आई है, जिसने इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया है। जहाँ एक ओर पिता को बच्चों का रक्षक और मार्गदर्शक माना जाता है, वहीं मुजफ्फरपुर में एक कलयुगी पिता ने अपनी ही ममता और खून के रिश्ते का गला घोंटते हुएवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी पिता पिछले करीब डेढ़ साल से जबरन अपनी ही बेटी के साथ शारीरिक संबंध (दुष्कर्म) बना रहा था। इस खौफनाक और प्रताड़ना भरे दौर से गुजर रही पीड़िता ने जब भी इस घिनौने कृत्य का विरोध किया, तो दरिंदे पिता ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी, जिससे वह पूरी तरह सहम गई थी। पीड़िता की मां का निधन पहले ही वर्ष 2019 में हो चुका था और घर में उसके दो छोटे भाई भी हैं, जिनकी देखभाल की लाचारी का फायदा उठाकर पिता इस खौफनाक जुल्म को अंजाम दे रहा था। अंततः जब जुल्म की इंतहा हो गई, तो पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और पुलिस थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है।
घटना की पृष्ठभूमि: माँ की मौत और सूने घर का फायदा
प्राप्त विवरण के अनुसार, इस वीभत्स मामले की पृष्ठभूमि कुछ साल पहले शुरू हुई थी जब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा था।
वर्ष 2019 में माँ का निधन: पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बेहद दर्दनाक खुलासा करते हुए बताया कि उसकी माँ का वर्ष 2019 में ही निधन हो चुका है। माँ के साया उठ जाने के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी और दो छोटे भाइयों की परवरिश का बोझ आंशिक रूप से उस पर आ गया।
दो छोटे भाइयों की जिम्मेदारी और मजबूरी: घर में दो छोटे भाई होने के कारण पीड़िता की स्थिति बेहद असहाय थी। आरोपी पिता ने इसी बात का फायदा उठाया और घर की अकेली बड़ी बेटी को डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बनाना शुरू कर दिया। उसे लगा कि छोटे भाइयों के भविष्य और डर के कारण बेटी कभी मुँह नहीं खोलेगी।
डेढ़ साल से चल रहा थावानियत का खेल और प्रताड़ना
रिश्तों की पवित्रता को तार-तार करने वाला यह घिनौना सिलसिला कोई एक दिन का नहीं, बल्कि लंबी अवधि से चल रहा था।
जबरन शारीरिक संबंध बनाना: पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके पिता पिछले करीब डेढ़ वर्ष से लगातार उसे अपनी हवस का शिकार बना रहे थे। विरोध करने पर आरोपी अपनी ही बेटी पर दया दिखाने के बजाय क्रूरता पर उतर आता था।
मारपीट और जान से मारने की धमकी: जब भी पीड़िता ने इस कुकृत्य का विरोध करने का प्रयास किया या घर में किसी अन्य को बताने की कोशिश की, तो आरोपी पिता उसके साथ जमकर मारपीट करता था। इतना ही नहीं, वह उसे और उसके छोटे भाइयों को जान से मारने की धमकी देता था, जिससे पीड़िता भारी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के साये में जीने को मजबूर थी।
पीड़िता की हिम्मत और थाने में शिकायत
लंबे समय तक जुल्म सहने के बाद आखिरकार पीड़िता ने अपनी चुप्पी तोड़ने का फैसला किया और अपनी इज्जत बचाने के लिए थाने की शरण ली।
थाने पहुंचकर सुनाई आपबीती: इस खौफनाक प्रताड़ना से तंग आकर और अपनी जान पर खेलकर पीड़िता ने आखिरकार घर की चारदीवारी से बाहर निकलने का फैसला किया। वह सीधे स्थानीय पुलिस थाने पहुँची और पुलिस अधिकारियों के सामने फफक-फफक कर अपनी आपबीती सुनाई।
पुलिस द्वारा मामला दर्ज और तुरंत एक्शन: पीड़िता की शिकायत सुनते ही थाना प्रभारी और महिला पुलिस अधिकारी दंग रह गए। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने सहित पोक्सो/संबंधित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण (Medical Examination) कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपी पिता को गिरफ्तार करने के लिए दबिश बनानी शुरू कर दी है।
समाज के लिए चिंता का विषय और कड़े कदम की मांग
इस शर्मनाक घटना के प्रकाश में आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और सनसनी का माहौल है।
मानवीय संवेदनाएं हुईं तार-तार: स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। लोगों का कहना है कि जिस रिश्ते को सबसे पवित्र और सुरक्षित माना जाता है, जब वही भक्षक बन जाए तो समाज का विश्वास ही डगमगा जाता है।
सख्त सजा की मांग: समाज के विभिन्न वर्गों ने मांग की है कि इस कलयुगी और दरिंदे पिता को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर ऐसी सजा दी जानी चाहिए जो समाज के लिए एक मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई दूसरा व्यक्ति इस प्रकार के घृणित कृत्य को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।
मुजफ्फरपुर से सामने आई यह घटना न केवल एक आपराधिक वारदात है, बल्कि यह हमारे समाज की नैतिक गिरावट का एक वीभत्स चेहरा भी है। माँ की मौत के बाद डेढ़ साल तक अपनी ही बेटी को हवस का शिकार बनाने वाला पिता कानून की नजर में एक अपराधी है। पुलिस इस मामले में तेजी से तफ्तीश कर रही है, और यह अत्यंत आवश्यक है कि पीड़िता को न्याय मिले तथा उसके छोटे भाइयों की सुरक्षा व पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जाए।