बरारी घाट पर एसआरडीएफ की मुस्तैदी से ब बची एक और जिंदगी गंगा नदी में डूब रहे युवक सागर को जवानों ने सुरक्षित बाहर निकाला, मौके पर मौजूद लोगों ने की जांबाज टीम की सराहना
भागलपुर: भागलपुर के गंगा तटों पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन बल की सतर्कता एक बार फिर वरदान साबित हुई है। शनिवार को शहर के व्यस्ततम बरारी घाट पर गंगा नदी के तेज बहाव और गहरे पानी में डूब रहे एक युवक को एसडीआरएफ (SDRF - राज्य आपदा मोचन बल) के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। नदी की तेज लहरों के बीच जिंदगी और मौत से जूझ रहे इस युवक का नाम सागर बताया जा रहा है। समय रहते एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई और गोताखोरों की मुस्तैदी के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, जिसके बाद घाट पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली और राहत दल के जांबाज जवानों की जमकर सराहना की।
घटनाक्रम: कैसे डूबा सागर और मची अफरातफरी?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार को बरारी घाट पर हमेशा की तरह स्नान करने और पूजा-पाठ करने वाले श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ थी:
गहरे पानी की चपेट में आना: सागर नामक युवक स्नान करने के दौरान गंगा नदी के जलधारा के बीच गहरे पानी में चला गया। पानी के तेज बहाव और भंवर के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और देखते-देखते तेज धार में डूबने लगा।
चीख-पुकार और मदद की गुहार: जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, सागर पानी में अंदर जाने लगा। उसकी चीख-पुकार सुनकर घाट पर हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
एसडीआरएफ की त्वरित प्रतिक्रिया: गनीमत यह रही कि बरारी घाट पर सुरक्षा और बचाव के मद्देनजर एसडीआरएफ की टीम हर स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद थी। जवानों ने पलक झपकते ही स्थिति को भांप लिया और बिना एक क्षण गंवाए नदी में छलांग लगा दी।
एसडीआरएफ के जवानों का अदम्य साहस और रेस्क्यू ऑपरेशन
आपदा बल के गोताखोरों ने जिस पेशेवर अंदाज और तत्परता का परिचय दिया, वह वाकई मिसाल कायम करने वाला था:
लहरों से मुकाबला: एसडीआरएफ के मुख्य गोताखोर और बचावकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर गंगा की उफनती लहरों के बीच उस स्थान की ओर बढ़े जहां सागर डूब रहा था।
सकुशल बाहर निकालना: जवानों ने डूब रहे सागर को पानी के अंदर से ही अपनी गिरफ्त में लिया और उसे सुरक्षित बाहर खींच लाए। घाट पर पहुंचते ही उसे प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे उसकी सांसें वापस लौटीं और उसकी जान बच गई।
अस्पताल में निगरानी: प्राथमिक उपचार के बाद युवक की स्थिति सामान्य होने पर उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया, जहां उसने राहत की सांस लेते हुए एसडीआरएफ के जवानों को अपनी 'दूसरी जिंदगी' देने के लिए धन्यवाद दिया।
बरारी घाट पर सुरक्षा इंतजाम और प्रशासन की अपील
भागलपुर के बरारी घाट पर पूर्व में भी डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद से जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं:
जवानों की तैनाती: गंगा के बढ़ते जलस्तर और गहरे पानी के खतरों को देखते हुए बरारी घाट पर एसडीआरएफ और पुलिस बल के जवानों की स्थायी तैनाती की गई है।
प्रशासनिक चेतावनी: प्रशासन ने एक बार फिर आम नागरिकों और स्नान करने आने वाले युवाओं से अपील की है कि वे सुरक्षा घेरे (बैरिकेडिंग) को पार कर गहरे पानी में न जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
भागलपुर के बरारी घाट पर शनिवार को एसडीआरएफ की मुस्तैदी के कारण सागर नामक युवक का जीवन बचना यह साबित करता है कि प्रशासनिक सतर्कता किस तरह आपदा के समय जीवनरक्षक बनती है। जांबाज जवानों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया। इस घटना के बाद से एक तरफ जहां रेस्क्यू टीम की चारों तरफ तारीफ हो रही है, वहीं गंगा स्नान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी एक बार फिर बहस छिड़ गई है।